मोबाइल यूजर्स अपने प्लान अब मंथली रिचार्ज करा रहे है। टेलीकॉम कंपनियों के टैरिफ में बढ़ोतरी के बाद प्रीपेड ग्राहकों को 40 फीसदी अधिक शुल्क देना पड़ रहा है।
नई दिल्ली: मोबाइल यूजर्स अपने प्लान अब मंथली रिचार्ज करा रहे है। टेलीकॉम कंपनियों के टैरिफ में बढ़ोतरी के बाद प्रीपेड ग्राहकों को 40 फीसदी अधिक शुल्क देना पड़ रहा है। ऐसे में अधिकतर ग्राहक लंबी अवधि के प्रीपेड प्लान्स की बजाय मंथली प्लान्स से रिचार्ज करवा रहे हैं। कस्टमर्स को सिर्म पोर्ट कराने में भी आसानी होगी क्योंकि वे किसी भी ऑपरेटर की सेवा लेने के लिए एक महीने से ज्यादा समय के लिए बाध्य नहीं होंगे। यही कारण है कि एयरटेल और जियो अपने 12 महीने के रिचार्ज प्लान पर डिस्काउंट दे रही हैं।

दूसरे देशों के मुकाबले अब भी भारत में बिल कम
मालूम हो कि मुंबई आधारित एयरटेल के एक डिस्ट्रीब्यूटर ने बताया कि जो कस्टमर्स 300 रुपए देकर 84 दिनों के लिए मोबाइल रिचार्ज कराते थे, वे अब एक महीने के प्लान से रिचार्ज करा रहे हैं। क्योंकि 500 रुपए से ज्यादा कीमत अदा करना उनके लिए मुश्किल है। इस तरह ग्राहकों को नए टैरिफ का असर समझने के लिए कुछ महीने लग जाएंगे। बता दें कि फोन कंपनियों के लॉबी ग्रुप का कहना है कि भारत में बिल अब भी दूसरे देशों से कम हैं। सेल्युलर ऑपरेटर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया के डायरेक्टर जनरल की माने तो एक दशक पहले भारतीय कस्टमर मोबाइल फोन पर अपनी सालाना इनकम का 6 फीसदी हिस्सा खर्च करते थे। अब यह घटकर एक फीसदी से कम रह गया है।
आर्थिक संकट से बाहर आने के लिए कंपनियों ने टैरिफ बढ़ाए
आप इस बात से पूरी तरह अवगत होंगे कि कर्ज के बोझ तले दबी, टेलीकॉम कंपनियों ने इस महीने की शुरुआत में टैरिफ बढ़ाए थे। ताकि वे आर्थिक संकट से बाहर आ सकें। अजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू के बारे में अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया था उसके बाद टेलीकॉम कंपनियों पर 1.47 लाख करोड़ रुपए की देनदारी बनी है, जो उन्हें 24 जनवरी तक चुकानी है।
2016 के बाद पहली बढ़ोतरी
एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और जियो ने दिसंबर के शुरू में टैरिफ बढ़ाए थे। जानकारी दें कि यह 2016 के बाद पहली बढ़ोतरी थी। प्राइस केवल प्री-पेड कस्टमर्स के लिए बढ़ाए गए थे। कुल यूजर्स में इनका हिस्सा 90 फीसदी से ज्यादा है। एसबीआई कैप सिक्यॉरिटीज के रिसर्च हेड की माने तो तीन महीने के बजाय अगर एक महीने का रिचार्ज कराया जाए तो मोबाइल कॉस्ट 40-50 फीसदी महीने बढ़ेगी। जो कि कंपनियों के लिए अच्छा है क्योंकि उनका ऐवरेज रेवेन्यू पर यूजर बढ़ेगा।
वहीं दूसरी ओर एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि अगली दो तिमाहियों में वोडाफोन आइडिया का एआरपीयू 107 रुपए से बढ़कर 143 रुपए और एयरटेल का 128 रुपए से बढ़कर 145-150 रुपए हो जाएगा। जियो का एआरपीयू वित्त वर्ष 2020 की चौथी तिमाही तक 140 रुपए से ज्यादा हो सकता है। सितंबर तिमाही में इसका एआरपीयू 120 रुपए था।
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