भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़त के अनुमान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने काफी घटा दिया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने 2019 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को कम कर 4.8 फीसदी
नई दिल्ली: भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़त के अनुमान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने काफी घटा दिया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने 2019 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को कम कर 4.8 फीसदी कर दिया है। गैर-बैंकिग वित्तीय कंपनियों में दबाव और ग्रामीण भारत में आय वृद्धि कमजोर रहने का हवाला देते हुए वृद्धि अनुमान को कम किया गया है। दावोस में होने जा रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्लूईएफ) के सालाना शिखर सम्मेलन के शुरू होने से पहले वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए आईएमएफ ने वैश्विक वृद्धि दर के साथ-साथ भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान में संशोधन की जानकारी दी है।

भारत का आर्थिक वृद्धि दर अनुमान कम
आईएमएफ के अनुसार 2019 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 4.8 फीसदी, 2020 में 5.8 फीसदी और 2021 में 6.5 फीसदी रह सकती है। वहीं अक्टूबर में जारी विश्व आर्थिक परिदृश्य के पूर्व अनुमान के मुकाबले यह आंकड़ा क्रमश: 1.2 फीसदी और 0.9 फीसदी कम है। जानकारी दें कि भारत में जन्मीं आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने कहा कि मुख्य रूप से गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र में नरमी और ग्रामीण क्षेत्र की आय में कमजोर वृद्धि के कारण भारत का आर्थिक वृद्धि दर अनुमान कम किया गया है। वहीं उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी तरफ चीन की आर्थिक वृद्धि दर 2020 में 0.2 फीसदी बढ़कर 6 फीसदी करने का अनुमान है। यह अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के प्रभाव को बताता है। आईएमएफ ने कहा कि भारत में घरेलू मांग उम्मीद से हटकर तेजी से घटी है। इसका कारण एनबीएफसी में दबाव और कर्ज वृद्धि में नरमी है।
वैश्विक वृद्धि में तेजी अभी काफी अनिश्चित
वहीं गोपीनाथ ने यह भी कहा कि 2020 में वैश्विक वृद्धि में तेजी अभी काफी अनिश्चित बनी हुई है। इसका कारण यह अर्जेन्टीना, ईरान और तुर्की जैसी दबाव वाली अर्थव्यवस्थाओं के वृद्धि परिणाम और ब्राजील, भारत और मेक्सिको जैसे उभरते और क्षमता से कम प्रदर्शन कर रहे विकासशील देशों की स्थिति पर निर्भर है। वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए आईएमएफ ने ग्रोथ अनुमान घटाकर 2019 में 2.9 फीसदी, 2020 में 3.3 फीसदी और 2021 के लिए 3.4 फीसदी कर दिया है।
जीडीपी 6 साल के निचले स्तर पर
सितंबर तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 4.5 फीसदी पर पहुंच गई थी। यह 6 साल का निचला स्तर है। वहीं लगातार 6 तिमाही से ग्रोथ रेट में गिरावट आ रही है। यही नहीं, आगे भी हालात ठीक नहीं दिख रहे हैं। वहीं मूडीज समेत कई रेटिंग एजेंसियां भारत के विकास दर अनुमान में कटौती कर चुकी हैं।
More From GoodReturns

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

Indo-MIM Listing Today: आज बाजार में होगी धमाकेदार एंट्री! लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने का सही तरीका

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके

Gold Outlook: Buy on Dip या Sell on Rise? गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर Expert Strategy!



Click it and Unblock the Notifications