International Monetary Fund की तरफ से इंडियन इकोनॉमी के लिए एक बेहतर खबर आई है। ग्लोबल निकाय ने फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के लिए भारत का जीडीपी के अनुमान को बढ़ा दिया है। आईएमएफ की तरफ से कहा गया है कि आने वाले वर्ष भारतीय इकोनॉमी 6.1 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ेगी। इससे पहले 2023 के अप्रैल के महीने में ये अनुमान 5.9 प्रतिशत लगाया गया था।
आईएमएफ ने जनवरी-मार्च (चौथी तिमाही) के बेहतर प्रदर्शन और ग्रोथ नंबर के वजह से 2023-24 के लिए भारत के जीडीपी के अनुमान को संशोधित किया है। आईएमएफ की तरफ से भारत के जीडीपी अनुमान में 0.20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। अब इसको 6.1 प्रतिशत कर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में भारतीय अर्थव्यवस्था के 7.2 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ने का अनुमान आईएमएफ द्वारा जारी किया गया है। वही, 2025 में इसके 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है।
25 जुलाई को आईएमएफ ने जारी अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में कहा हैं कि भारत के लिए जीडीपी ग्रोथ पूर्वानुमान में अपग्रेड मजबूत घरेलू निवेश के
वजह से उम्मीद से ज्यादा मजबूत ग्रोथ को दर्शाता है।
अप्रैल के महीने में जारी किए गए आउट लुक में जीडीपी ग्रोथ अनुमान को घटाकर 5.9 प्रतिशत किया गया था। वही, भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर को लेकर अगर अन्य एजेंसियों के पूर्वानुमानों पर गौर करें तो आईएमएफ का ताजा संशोधन भी उनसे कम है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एशियन डेवलपमेंट बैंक ने वित्त वर्ष 24 के लिए ये अनुमान 6.4 प्रतिशत और आरबीआई ने 6.5 प्रतिशत जाहिर किया है।
आईएमएफ के अनुसार, भारत ने विश्व की सबसे तेजी से आगे बढ़ती इकोनॉमी के टैग को बरकरार रखा है। कोरोना महामारी के बाद से भारतीय अर्थव्यवस्था काफी आगे बनी हुई है और इसको दुनिया के तमाम देशों ने सराहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पड़ोसी देश चीन भी इस मामले में भारत से आगे नहीं निकल पा रहा है।


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