नई दिल्ली, जुलाई 28। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए देश की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को घटा दिया है। आईएमएफ ने जीडीपी ग्रोथ का नया अनुमान 9.5 फीसदी का बताया है। इससे पहले आईएमएफ ने जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 12.5 फीसदी का जताया था। आईएमएफ के अनुसार कोरोना की दूसरी लहर के चलते जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाया गया है। हालांकि आईएमएफ ने चालू कैलेंडर वर्ष यानी जनवरी से दिसंबर 2021 का वैश्विक अर्थव्यवस्था की बढ़त का अनुमान 6 फीसदी पर बरकरार रखा है। आईएमएफ के अनुसार विकसित देशों की ग्रोथ रेट के अनुमान में बढ़त भी की गई है। आईएमएफ के रिसर्च प्रमुख गीता गोपीनाथ के अनुसार वैक्सीनेशन की उम्मीद से तेज रफ्तार और आर्थिकि गतिविधियां सामान्य होने से कुछ देशों की ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाया गया है। हालांकि, भारत सहित कुछ देशों की ग्रोथ के अनुमान को घटाया भी गया है।

आईएमएफ की तरफ से नया वैश्विक अर्थव्यवस्था का अनुमान जारी किया गया है। इसमें बताया गया है कि मार्च 2021 से मई 2021 के बीच कोरोना की दूसरी लहर के बाद इंडिया की ग्रोथ की संभावना में कमी आना दिखाई देता है। हालांकि, आईएमएफ ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था की जीडीपी की ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाकर 8.5 फीसदी किया है। यह अनुमान पहले के अनुमान से करीब 1.6 फीसदी ज्यादा है। वहीं 2021 में दुनिया के विकसित देशों की अर्थव्यवस्थाओं की जीडीपी की ग्रोथ बढ़कर 5.6 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है। यह पिछले अनुमान से करीब आधा फीसदी ज्यादा है।
रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक अर्थव्यवस्था की रिकवरी की 2 तरह की स्थितियां दिख रही हैं। कोरोना की वैक्सीन के चलते दुनिया दो हिस्सों में बांटी दिख रही है। पहले स्थिति में वे देश हैं, जिनकी पहुंच वैक्सीन तक है। इससे उन देशों में आर्थिक गतिविधियां सामान्य होने की उम्मीद है। दूसरे स्थिति में वे देश हैं, जहां वैक्सीन की कमी है और कोरोना फिर से फैल सकता है।


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