उत्तर भारत में गर्मी ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. राजधानी दिल्ली में पहली बार तापमान 52 डिग्री सेल्सियस के पार निकल गया. तपती गर्मी के बीच 29 मई को कुछ इलाकों में हल्की बारिश से राहत तो मिल गई है, लेकिन इससे प्रचंड गर्मी से छुटकारा मिलना फिलहाल बाकी है. क्योंकि तपती गर्मी से राहत तो मानसून की बारिश से ही मिलेगी. ऐसे में भीषण गर्मी से परेशान उत्तर भारत के लोगों के मन में एक ही सवाल है कि आखिर कब तक मानसून यहां पहुंचेगा. इस पर भारतीय मौसम विभाग यानी IMD ने मानसून पर अनुमान जारी कर सवाल का जवाब लगभग दे दिया है.
समय से पहले आएगा मानसून
मौसम विभाग की ओर से जारी अनुमान के मुताबिक मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी का कहर 30 मई से थोड़ा कम होता नजर आएगा. राहत की बात ये है कि इस बार मानसून देश में समय से पहले एंट्री मारेगा. इसके तहत केरल में मानसून अगले 24 घंटे में एंट्री करेगा, जोकि आमतौर पर 1 जून तक आता है. इसके तहत केरल में मानसून प्री-मानसून में पहली बारिश 30 या 31 मई को हो सकती है.
केरल के अलावा लक्षद्वीप के कुछ हिस्सों, बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर भारत में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां एकदम अनुकूल हैं. इस लिहाज से मुंबई में मानसून, केरल पहुंचने के अगले 8 से 10 दिन में पहुंच सकता है.

उत्तर भारत में कब पहुंचेगा मानसून
मौसम विभाग ने कहा कि केरल समेत अन्य तटीय इलाकों में बारिश होगी, लेकिन उत्तर भारत के लोगों को फिलहाल मॉनसून के लिए इंतजार करना होगा. क्योंकि मानसून को उत्तर भारत तक पहुंचने में समय लगेगा. उत्तर भारत के राज्य गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में 15 जून तक मॉनसून की एंट्री होने की संभावना है.
उत्तर भारत के लोगों को करना होगा इंतजार
IMD ने कहा कि मानसून 20 जून तक गुजरात और मध्य प्रदेश के आंतरिक इलाकों में दस्तक दे सकता है. ऐसे में मानसून के उत्तर भारत तक पहुंचने में करीब 30 दिन लग सकता है. इसका मतलब ये है कि उत्तर भारत में मानसून 29 जून तक पहुंचने का अनुमान है. जानकारी के लिए बता दें कि मौसम विभाग ने कहा कि लॉन्ग पीरियड में यानी जून से सितंबर तक 106% बारिश रहने की उम्मीद है.
प्रचंड गर्मी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
देश में प्रचंड गर्मी ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. मई में दिल्ली में आसमान से आग बरस रहा. क्योंकि बुधवार को शहर में तापमान 52 डिग्री के पार निकल गया. वहीं, मंगलवार को शहर के कुछ इलाकों में तापमान 52.3°C डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचा. नतीजतन, लोगों का हाल-बेहाल है. दिल्ली में तापमान के बढ़ने की वजह राजस्थान से आने वाली गर्म हवाएं हैं. क्योंकि इसका असर विशेषकर बाहरी इलाकों पर पड़ रहा है. दिल्ली के अलावा राजस्थान के चूरू और हरियाणा के सिरसा में भी तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चल रहा है.


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