
IIP improves when inflation comes down: ताजा जारी आंकड़ों के अनुसार महंगाई पर नियंत्रण लगता लग रहा है। आरबीआई ने महंगाई को कम करने के लिए कड़ी मौद्रिक नीति अपनाई थी, जिसका असर अब दिखने लगा है। इसके अलावा आज जारी आईआईपी के आंकड़े भी शानदार रहे हैं।
सांख्यिकी और क्रियान्वयन मंत्रालय की तरफ से जारी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर बेस्ड खुदरा महंगाई के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2023 में यह 6 प्रतिशत नीचे आ गई है। महंगाई का यह आंकड़ा 15 महीने में सबसे निचला स्तर है।
आंकड़ों के अनुसार मार्च 2023 में खुदरा महंगाई दर 5.66 प्रतिशत पर आ गई है। यह दिसंबर 2021 के बाद का सबसे निचला स्तर है। महंगाई कम होने की सबसे बड़ी वजह सब्जियों और खाने-पीने की चीजों के दाम में कमी आना रहा है।
अगर शहर और गांव के स्तर पर इसे अलग-अलग देखा जाए तो मार्च 2023 में शहरी स्तर पर खुदरा महंगाई दर 5.89 प्रतिशत और ग्रामीण स्तर पर 5.51 प्रतिशत है। वहीं पिछले साल मार्च में यह क्रमश: 6.12 प्रतिशत और 7.66 प्रतिशत थी। महंगाई का उच्चतम स्तर देखा जाए तो यह पिछले साल अप्रैल में 7.79 प्रतिशत तक जा चुकी है। वहीं साल 2023 के शुरुआती दो महीने जनवरी में ये 6.52 प्रतिशत और फरवरी में 6.44 प्रतिशत रही थी।
वहीं देश का औद्योगिक उत्पादन फरवरी में 5.6 फीसदी की दर से बढ़ा है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) इससे पहले जनवरी महीने में 5.2 फीसदी रहा था। इस तरह लगातार दूसरे महीने औद्योगिक उत्पादन के बढ़ने की दर 5 फीसदी से ज्यादा रही है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी महीने के दौरान विनिर्माण सेक्टर का आउटपुट 5.3 फीसदी बढ़ा है। वहीं खनन क्षेत्र के आउटपुट में 4.6 फीसदी की तेजी दर्ज हुई है। बिजली उत्पादन के मामले में यह वृद्धि दर 8.2 फीसदी की रही है।


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