नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने नियमों में बदलाव करके जम्मू और कश्मीर (जेएंडके) में किसी भी भारतीय के लिए जमीन खरीदना संभव बना दिया है। कोई भी भारतीय अब जेएंडके में जमीन खरीद सकता है, जो कुछ समय पहले तक संभव नहीं था। 27 अक्टूबर को सरकार ने जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम की धारा 17 से "राज्य के स्थायी निवासी" वाक्यांश को हटाए हुए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (केंद्रीय कानूनों का अनुकूलन) को अधिसूचित किया। यह सेक्शन जमीन के निपटान से संबंधित है। भूमि कानून में बदलाव, जो केवल जम्मू और कश्मीर के लिए हैं, महत्वपूर्ण हैं क्योंकि कोई भी भारतीय नागरिक अब वहां शहरी या गैर-कृषि भूमि और प्रॉपर्टी में जमीन खरीद सकता है। अगर आप जेएंडके में जमीन खरीदना चाहते हैं तो आपको कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है।
रियल्टी सेक्टर के लिए इसका क्या मतलब
रियल एस्टेट सेक्टर ने इस कदम का स्वागत किया है। डेवलपर्स इस केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) में परियोजनाओं को लॉन्च कर सकते हैं, जिसमें कश्मीर घाटी एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभरेगा। इस फैसले से रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी को एक्टिव होने की अनुमति मिलेगी, जो पारदर्शी तरीके से कमर्शियल और आवासीय उद्देश्य के लिए जमीन की बिक्री की सुविधा देगा। पर ये इतना आसान नहीं होगा, क्योंकि इस क्षेत्र में दशकों से चला आ रहा संकट सभी के सामने है।
कैसी है कनेक्टिविटी
कश्मीर के ज्यादातर हिस्से सड़क मार्ग से जुड़े हुए हैं लेकिन रेल और हवाई संपर्क सीमित हैं। इसलिए जेएंडके में प्रॉप्रटी खरीदने से पहले इस चीज का खास ध्यान रखें। वैसे हर कोई वहां स्थायी तौर पर नहीं जाना चाहेगा। हां हॉलिडे या रिटायररेंट के बाद वहां बसने के लिए प्रॉपर्टी खरीदना अच्छा ऑप्शन हो सकता है।
सुरक्षा और कोरोना
जेएंडके में घर खरीदने का विचार करने वालों के लिए सुरक्षा और सेफ्टी एक बड़ी चिंता होगी और इसके लिए कानूनी चुनौतियां भी होंगी। डेवलपर्स भी तुरंत क्षेत्र में परियोजनाएं लॉन्च नहीं करेंगे। दूसरी बात यूटी में अभी भी कई क्षेत्रों में कोरोना एक बड़ी मुसीबत बना हुआ है। इन दोनों चीजों पर विचार करना जरूरी है।
निवेश करना सही या नहीं
जानकार कहते हैं कि राज्य के 12 कानूनों को बदलना और उनकी जगह इतने ही नये कानूनों को लाना आना नहीं है। नया कानूनी फ्रेमवर्क राज्य में एक बड़े पुनर्गठन के उद्देश्य से किया गया है। ऐसे फैसलों को डेवलप होने में समय लगता है। यानी से वेट एंड वॉच का है। देखें कि उन लोगों का कैसा अनुभव रहता है, जो वहां जाते हैं। लेकिन अगर आप तुरंत संपत्ति खरीदना चाहते हैं, तो अभी के लिए जम्मू तक सीमित रहना अच्छा रहेगा।
कितनी है कीमत
जम्मू और कश्मीर के ज्यादातर हिस्से में प्रॉपर्टी काफी सस्ती है श्रीनगर में ये 2,200 रुपये से 4,000 रुपये प्रति वर्ग फुट, जम्मू में 2,400-4,000 रुपये और बारामुला में 2,500- 3,200 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच है। कश्मीर के रियल एस्टेट बाजार पर सरकार के कदम के प्रभाव का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। यह अभी भी एक अति संवेदनशील क्षेत्र है और सुरक्षा चिंताओं के कारण संपत्ति के खरीदार दूर ही रह सकते हैं।
अभी निवेश करना कैसा
यह अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी कि रियल एस्टेट की मांग अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र में कैसे बढ़ेगी। इन सीमा क्षेत्रों में निवेश करने से पहले निवेशकों को बेहद सतर्क रहना चाहिए क्योंकि ये समस्या भौगोलिक है। इसके अलावा देश के इन हिस्सों में मैच्योर रियल एस्टेट बाजार कभी नहीं रहा, इसलिए संपत्ति खरीदने और बेचने के लिए एक नया सेट-अप चाहिए होगा। इसमें थोड़ा समय लगेगा।
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