नयी दिल्ली। अगर आप पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ) स्कीम के निवेशक हैं, तो यह निवेश स्कीम जरूरत के वक्त आपके बहुत काम आ सकती है। आप ये जरूर ये जानना चाहेंगे कि कैसे। निवेश पर मिलने वाले रिटर्न और टैक्स बेनेफिट के अलावा आपको इस छोटी बचत योजना पर किए गए निवेश पर बहुत आसानी से लोन भी मिल सकता है। अच्छी बात ये है कि पीपीएफ अकाउंट पर आप जितना भी लोन लेंगे उसके बदले आपको कुछ भी गिरवी रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस ऑप्शन में ब्याज दर उचित है और लोन ली गई राशि को आसानी से चुकाया जा सकता है।
कब से मिल सकता है लोन
लोन की इस सुविधा का लाभ आप पीपीएफ खाता खोलने के तीसरे वित्तीय वर्ष और छठे वर्ष के पूरा होने से पहले ले सकते हैं। आप पीपीएफ खाते में जमा कुल राशि का 25 प्रतिशत तक लोन ले सकते हैं। अच्छी बात ये है कि आपको किसी कठिन समय में पैसों की जरूरत पड़ेगी तो आपको अपनी एफडी या म्यूचुअल फंड जैसे निवेश से पैसा निकालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
एक साल में केवल एक बार लोन
यदि पीपीएफ खाता किसी नाबालिग या मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के नाम पर खोला गया है तो खाताधारक के संरक्षक/अभिभावक (Guardian) द्वारा लोन लिया जा सकता है। अभिभावक को अकाउंट ऑफिस में एक प्रमाण पत्र देना होगा। दूसरी अहम बात कि पीपीएफ खाताधारक लोन के लिए साल में केवल एक बार आवेदन कर सकता है। आप एक लोन ब्याज सहित चुकाने के बाद ही दूसरा कोई लोन ले सकते हैं।
सिर्फ 1 फीसदी ब्याज
पीपीएफ खाताधारक द्वारा ली गई पूरी लोन राशि को एकमुश्त भुगतान सुविधा के माध्यम से लौटाया जा सकता है। प्रिंसिपल अमाउंट के भुगतान के बाद खाताधारक को लोन राशि पर 1 प्रतिशत की ब्याज दर पर दो किस्तों में ब्याज चुकाना होता है। यानी सिर्फ 1 फीसदी ब्याज पर आपको लोन मिल सकता है, जबकि आपको किसी भी अन्य प्रकार के लोन पर इसके मुकाबले कहीं ज्यादा ब्याज चुकाना होता है।
इस बात का रखें ध्यान
पर ध्यान रह कि यदि आपने पूरे लोन का र्भुगतान 36 महीनों में पूरा नहीं किया तो आपको बकाया लोन राशि पर 6 प्रतिशत ब्याज दर पर चुकानी होगी। यह ब्याज दर उस महीने के पहले दिन से, जिसमें आपने लोन लिया, से लेकर तब तक के लिए लिया जाएगा जब आखिरी किस्त का भुगतान किया गया था। इसका मतलब यह है कि 36 महीने की समय सीमा के भीतर लोन का भुगतान न करने की स्थिति में बैलेंस पर ब्याज की दर 1 प्रतिशत से बढ़ कर 6 प्रतिशत हो जाएगी।
खाते से कटेगा पैसा
यदि शेष लोन पर पूरे ब्याज का भुगतान 36 महीने से नहीं किया जाता है तो यह पैसा पीपीएफ खाताधारक के खाते से काट लिया जाएगा। यदि पीपीएफ खाताधारक की मृत्यु हो जाए तो नॉमिनी को लोन चुकाना होगा। पीपीएफ खाते पर लोन ली जाने वाली राशि पहे ब्याज की दर 2 फीसदी थी, मगर 2020 के लिए इसे कम करके 1 फीसदी कर दिया गया है।
More From GoodReturns

Silver Price Today: 29 मार्च रविवार को चांदी सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Price Today: 29 मार्च को सोना सस्ता हुआ या महंगा? खरीदने से पहले जानें आज का ताजा भाव

Silver Price Today: 28 मार्च को चांदी की कीमतों में उछाल, जानिए प्रति किलो कितना महंगा हुआ चांदी का भाव

Gold Rate Today: 30 मार्च को सोने की कीमतों में आई बड़ी गिरावट! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 1 अप्रैल को सोने की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

Bank Holiday Today: आज बैंक बंद हैं या खुला? बैंक जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

आज का Financial Raashifal: 28 मार्च, 2026 - आज ही समय पर अवसर और स्थिर लाभ प्राप्त करें



Click it and Unblock the Notifications