अगर आपने भी अपना सोना बैंक लॉकर में रखा है तो ये खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। सोना खरीदना सभी के लिए खुशी की बात होती है। आज के समय में हर कोई सोने में निवेश को एक बेहतर विकल्प मानते हैं।
नई दिल्ली: अगर आपने भी अपना सोना बैंक लॉकर में रखा है तो ये खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। सोना खरीदना सभी के लिए खुशी की बात होती है। आज के समय में हर कोई सोने में निवेश को एक बेहतर विकल्प मानते हैं। आमतौर पर लोग सोना घर में रखना सुरक्षित नहीं मानते और इसके लिए बैंक जाकर लॉकर में गोल्ड रख देते हैं, ताकि किसी तरह के नुकसान जैसे चोरी, डकैती या खो जाने की संभावना से इसे सुरक्षित रखा जा सके। सोना-चांदी खरीदने का बेहतरीन मौका, सितंबर में आई इतनी गिरावट ये भी पढ़ें

ऐसे में आपको ये जानना बेहद जरूरी है कि आपने बैंक लॉकर में आपनी बेशकीमती और महत्वपूर्ण चीजें सुरक्षित रखी है तो क्या वो सचमुच सुरक्षित हैं। यकीनन इस बात का पता अक्सर ग्राहकों को नहीं होता। बता दें कि बैंक इस बात की जानकारी लॉकर देते वक्त कस्टमर को नहीं बताते। बैंक में चोरी, आग या दूसरे किसी कारण से लॉकर में रखे सामान को नुकसान पहुंचता है तो बैंक इसकी जिम्मेदारी नहीं लेते। ऐसे में ग्राहक को कुछ नहीं मिलता।
लॉकर में रखा सोना कितना सुरक्षित
जानकारी दें कि साल 2017 में आरबीआई द्वारा जारी गाइडलाइंस के मुताबिक, बैंकों की ये कतई जिम्मेदारी नहीं बनती की किसी दुर्घटना होने पर वो लॉकर में रखी कीमती चीजों की भरपाई ग्राहक को करे, जिसका अर्थ साफ है कि, अगर किसी भी प्रकार की अनहोनी बैंक में होती है जैसे- बैंक में डकैती, आग लगना या किसी तरह के प्राकृतिक आपदा होने पर बैंक अपने कस्टमर को भरपाई नहीं करेगा। बैंक के लॉकर एग्रीमेंट में देयता भुगतान के बारे में कोई उल्लेख नहीं होता है। सारी जिम्मेदारी ग्राहक की होती है कि वो अपने कीमती सामान का इंश्योरेंस करा कर रखें।
बुरे वक्त में काम आता है ज्वैलरी
भारतीयों में सोना के प्रति एक अलग लगाव देखा गया है। सोने के साथ एक भावुक रिश्ता होता है। हर कोई सोना मुश्किल दिनों में काम आने की सोच के साथ खरीदता है। आजकल बैंक में जमा पैसों का कोई भरोसा नहीं। वहीं इस बात का भी ग्राहकों को डर रहता है कि उनका जमा सोना कहीं चोरी न हो जाए या उनको बैंक से कोई धोखा न मिल जाए। ऐसी स्थिति में ये बहुत जरूरी हो जाता है कि आप अपने लॉकर या घर में रखे सोने-चांदी का बीमा करा कर रखें
महत्वपूर्ण बात ये है कि गोल्ड ज्वैलरी का बीमा कराने पर अलग से बैंक लॉकर में रखने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। बैंक लॉकर में रखा सोना पूरी तरह सुरक्षित नहीं होता है। कोई भी नुकसान होने पर बैंक एक फिक्ड राशी ही आपको गोल्ड के बदले दे सकता है। बुरे वक्त में हमेशा ज्वैलरी ही काम आती है, इसलिए गोल्ड को सुरक्षित रखने के लिए बीमा कराना जरूरी है।
जानिए गोल्ड बीमा कवर और कितना होता है खर्च
- आप अपने होम इंश्योरेंस के जरिये भी गोल्ड बीमा कवर ले सकते हैं। ये आपके किसी भी अन्य हाउसहोल्ड कंटेंट में शामिल हो सकता है। अगर अचानक से आपके गहनों की चोरी हो गई है, लूट या फिर किसी दुर्घटना से नुकसान हुआ है तो गोल्ड इंश्योरेंस से आपकी गोल्ड ज्वैलरी को सुरक्षा मिल सकती है और नुकसान का कवर पा सकते हैं।
- बैंक लॉकर में रखे गोल्ड के लिए इंश्योरेंस प्रीमियम इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितनी राशि के सोने का इंश्योरेंस कराया है। आमतौर पर सालाना मिनिमम 300 रुपए से लेकर 2,500 रुपए तक का प्रीमियम देना होता है।
गोल्ड इंश्योरेंस लेने का तरीका
- बैंक लॉकर इंश्योरेंस प्रदान नहीं करते हैं, लेकिन कुछ निजी प्राइवेट कंपनियां भारत में गोल्ड इंश्योरेंस पॉलिसी देती हैं। भारत में टाटा एआईजी, इफ्को टोकियो जनरल इंश्योरेंस, आईसीआईसीआई लोंबार्ड और फ्यूचर जनराली जैसी कुछ इंश्योरेंस कंपनियां हैं, जो गोल्ड इंश्योरेंस करती हैं।
- कुछ इंश्योरेंस कपंनियों ने हाल ही में बैंक लॉकर प्रोटेक्शन पॉलिसी की सुविधा भी भारत में शुरू की है। बैंक लॉकर प्रोटेक्शन के जरिये ग्राहकों को बैंक में आग लगने पर, चोरी होने पर, प्राकृतिक आपदा, आतंकवादी हमला या फिर किसी भी तरह के बैंक कर्मचारी द्वारा धोखा मिलने पर गोल्ड सुरक्षा प्रदान की जाती है।
- गोल्ड इंश्योरेंस पॉलिसी के जरिये दो लाख रुपए से लेकर 40 लाख रुपए तक की राशी का कवर मिलता है। किसी भी दुर्घटना के होने की तारीख से 30 दिनों तक मामला सुलझाया जाता है और इंश्योर्ड किए हुए पैसे वापस मिलते हैं
ऐसी परिस्थिति में नहीं मिलेगा बीमा का पैसा
अगर आपके या आपके परिवार के किसी करीबी के गलती की वजह से अपने गहनों को खुद कोई नुकसान पहुंचाया है तो आपको गोल्ड कवर नहीं मिलेगा। अगर आपने बैंक में रखा सोना खुद अपनी गलती से नुकसान पहुंचाया है तो बैंक की ये जिम्मेदारी बिल्कुल नहीं की आपको भुगतान करें।
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