नई दिल्ली, अगस्त 13। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) में निवेश आपको सेफ और टैक्स फ्री रिटायरमेंट फंड बनाने में मदद कर सकता है। ये इस काम के लिए सबसे सुरक्षित तरीकों में से एक है। यह कुछ उन बचत योजनाओं में से एक है जो समय के साथ आपके निवेश फंड को बढ़ाती हैं। आप जो निवेश करेंगे, उस पर रिटर्न मिलेगा। फिर रिटर्न पर रिटर्न मिलेगा। ये सब टैक्स फ्री रहता है। और भी कई ऐसे ऑप्शन हैं, जिनमें एनपीएस, म्यूचुअल फंड आदि शामिल हैं। मगर पीपीएफ को अधिक आकर्षक बनाने के लिए इसका टैक्स फ्री होना अहम है। हम आपको यहां बताएंगे कि कैसे आप पीपीएफ की मदद से रिटायरमेंट पर करोड़पति बन सकते हैं।
कितना है रिटर्न
पीपीएफ पर मौजूदा ब्याज दर 7.1 फीसदी है। वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही के बाद से ये दर 7.1 प्रतिशत ही रही है। तब से इस योजना का ब्याज अपरिवर्तित रहा है। वैसे तो इतना रिटर्न म्यूचुअल फंड ईएलएसएस जैसी अन्य योजनाओं पर मिलने वाले रिटर्न से आकर्षक नहीं हो सकता है, लेकिन निश्चित रूप से ये जोखिम मुक्त जरूर है।
1 करोड़ रु का फंड
पीपीएफ में यदि आप हर महीने 12,500 रुपये या प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये का निवेश करें और आपको पूरी अवधि के दौरान 7.10 फीसदी रिटर्न मिलता है तो आप 1 करोड़ रुपये से अधिक का कोष बनाने में सक्षम होंगे। इस राशि को और बढ़ाने के लिए आप 5 साल के ब्लॉक में निवेश अवधि को बढ़ा सकते हैं।
ऐसे बनेंगे 1.5 करोड़ रु
अगर आप 25 से 30 साल की उम्र के बीच पीपीएफ खाता शुरू खोलते हैं, और फिर इसे 5 साल के ब्लॉक तक तीन बार बढ़ाते हैं, तो आप रिटायर होने से पहले 30 साल तक आसानी से निवेश कर सकते हैं। 30 साल के लिए हर साल 1.5 लाख रुपये की निवेश राशि आपको 1.54 करोड़ रुपये की मैच्योरिटी राशि मिलेगी, बशर्ते 7.1 प्रतिशत की मौजूदा ब्याज दर स्थिर रहे। यदि ये दर घटी तो मैच्योरिटी राशि घट सकती है। मगर यदि ये राशि बढ़ी तो आप जल्दी करोड़पति बन सकते हैं।
कितना होगा फायदा
अहम बात यह है कि 1.54 करोड़ रुपये में से 45 लाख रुपये आपका निवेश होगा और बाकी 1.09 करोड़ रुपये 30 साल की अवधि में ब्याज के रूप में मिलेंगे। बता दें कि पीपीएफ एक सरकारी छोटी बचत योजना है जो निश्चित रिटर्न देती है। इस योजना में मिलने वाला ब्याज और रिटर्न आयकर अधिनियम के तहत कर योग्य नहीं हैं।
जानिए टैक्स का नियम
पीपीएफ योजना के तहत एक ही भुगतान में या एक वर्ष में अधिकतम 12 महीने तक की अवधि में निवेश किया जा सकता है। प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए न्यूनतम निवेश राशि 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये है। योजना के तहत वर्तमान ब्याज दर 7.1 प्रतिशत प्रति वर्ष है, और मैच्योरिटी अवधि 15 वर्ष की है। प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक की जमा राशि आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80 सी के तहत वार्षिक टैक्स बेनेफिट के योग्य है। इससे पीपीएफ उन लोगों के लिए सबसे खास टैक्स बेनेफिट वाली योजना बन जाती है जो सैलेरी पाते हैं। सरकार अन्य सभी छोटी बचत योजनाओं की तरह पीपीएफ का ब्याज हर तिमाही में निर्धारित करती है।


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