Buy Gold In Festive Season : फेस्टिव सीजन चल रहा है और लोग जम कर हर तरह के प्रोडक्ट्स की खरीदारी कर रहे हैं। खास कर अब धनतेरस और दिवाली पर गोल्ड ज्वेलरी और गोल्ड कॉइन की खरीदारी खूब होगी। इन त्योहारों पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। वैसे तो 282 जिलों में हॉलमार्किंग अनिवार्य हो गया है, जिसके बाद गोल्ड ज्वेलरी की शुद्धता को जानना काफी आसान हो गया है। मगर सवाल यह है कि क्या आपको धनतेरस और दिवाली पर फिजिकल गोल्ड (गोल्ड कॉइन, गोल्ड बार या गोल्ड ज्वेलरी) खरीदना चाहिए? क्योंकि आज के समय में डिजिटल गोल्ड एक अन्य ऑप्शन है। इसी तरह का एक और सवाल यह है कि गोल्ड खरीदने के दौरान किन चीजों का ध्यान रखना दरूरी है? इस सवाल का जवाब आपको एक्सपर्ट्स से मिल सकता है।

हॉलमार्किंग जरूर देखें
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार एक जानकार कहते हैं कि लोग इस बार वो ज्वेलरी खरीदना पसंद करेंगे, जिसे पहना जाए, न कि लॉकर और सेफ में रखने के लिए। उनके अनुसार गोल्ड ज्वेलरी हॉलमार्क होना बहुत अच्छा है। क्योंकि इसे जरूरत के समय बेचना आसान रहेगा। हॉलमार्किंग में कई स्टैंडर्ड ध्यान में रखे जाते हैं। इनमें गोल्ड की कीमतें भी ट्रांसपेरेंट होना शामिल है।
पूरे भारत में कहीं बेचें
जानकारों के अनुसार अगर आपने हॉलमार्क वाली ज्वेलरी खरीदी है और फिर उसे कुछ समय बाद बेचते हैं तो बेचते समय आपको कोई दिक्कत नहीं होगी। ज्वेलरी पर हॉलमार्क हो तो उसे पूरे भारत में कहीं भी बेचा जा सकता है। इस अहम कारण से यह जरूरी है कि सिर्फ हॉलमार्क वाली ज्वेलरी ही खरीदी जाए।

नहीं मिलेगी बिना हॉलमार्किंग की ज्वेलरी
जानकार कहते हैं कि जिन 282 जिलों में ज्वेलरी के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य कर दी गयी है यदि आप वहां से ज्वेलरी खरीदते हैं तो बिना हॉलमार्क वाली ज्वेलरी मिलेगी ही नहीं। 2 ग्राम की ईयररिंग भी हॉलमार्क वाली होगी। नियमों के अनुसार ज्वेलर के पास 10 गुना मैग्निफिकेशन का मैग्निफाइंग ग्लास होना चाहिए, जिससे कि हॉलमार्क को आराम से देखा जा सके। उसके वो चार्ट भी दिखाना होगा जिस पर अलग-अलग हॉलमार्क की जानकारी हो।
निवेशक के लिए गोल्ड एक बचत
जानकारों के अनुसार गोल्ड निवेशकों के लिए बचत का अच्छा ऑप्शन है। यह आपके बुरे समय में काम आ सकता है। ऐसे समय पर यह इंश्योरेंस की तरह काम करता है। यह महंगाई के प्रभाव से भी सुरक्षित करेगा। वहीं इसे रियल एस्टेट जैसे ऑप्शन की तुलना में खरीदना भी आसान है। साथ ही मेकिंग चार्ज लंबी अवधि में करीब-करीब खत्म हो जाता है।

निवेश की तरह न देखें
एक अन्य जानकार का मानना है कि ज्वेलरी को निवेश के रूप में न लें। जब पैसे की जरूरत हो तो कोई पर्सनल ज्वेलरी नहीं बेचेगा। निवेश के लिए गोल्ड बार या ई-गोल्ड या पेपर गोल्ड खरीदें। ऐसे में गोल्ड को शेयर या डेब्ट की तरह समझें। पोर्टफोलियो में 10-15 फीसदी गोल्ड रखें। निवेश के लिए ईटीएफ भी सही ऑप्शन है। अगर आप पर्सनल इस्तेमाल या खुशी के लिए गोल्ड खरीद रहे हैं तो ये ध्यान रखना चाहिए कि गोल्ड कॉइन खरीदें। क्योंकि ये शुद्ध होगा।


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