नई दिल्ली, मई 4। सोने के गहनों की अनिवार्य हॉलमार्किंग पिछले साल 16 जून से लागू हुई थी। पिछले साल ज्वेलर्स के लिए उपभोक्ताओं को बेचे जाने वाले आभूषणों की अनिवार्य हॉलमार्किंग लागू की गयी थी। लेकिन उपभोक्ता बिना हॉलमार्क के अपने आभूषण जौहरी को बेच सकते हैं। जौहरी आभूषण को पिघला सकता है और केवल भारतीय मानक आईएस 1417:2016 में निर्धारित ग्रेड 14, 18 या 22 कैरेट के नए आभूषण बना सकता है और इन्हें फिर से बेचने से पहले हॉलमार्क करवा सकता है। मगर क्या हो यदि आपको बिना हॉलमार्क वाली ज्वेलरी बेच दी जाए तो? आप इसकी शिकायत कर सकते हैं। आगे जानिए शिकायत का तरीका।
केवल 30 फीसदी ज्वेलरी पर हॉलमार्क
हॉलमार्किंग उपभोक्ताओं, आभूषण खरीदारों को सही चुनाव करने और सोना खरीदते समय किसी भी अनावश्यक भ्रम से बचने में सक्षम बनाता है। मगर वर्तमान में, केवल 30% भारतीय सोने के आभूषणों पर हॉलमार्क है। गहनों, कलाकृतियों की हॉलमार्किंग सोने के आभूषणों की विश्वसनीयता और ग्राहकों की संतुष्टि को बढ़ाने के लिए जरूरी है। ये काम थर्ड पार्टी के आश्वासन के माध्यम से चिह्नित शुद्धता, सोने की सुंदरता, उपभोक्ता संरक्षण के लिए भी आवश्यक है। इस कदम से भारत को विश्व में एक प्रमुख गोल्ड मार्केट सेंटर के रूप में विकसित करने में भी मदद मिलेगी।
बिना हॉलमार्क वाली ज्वेलरी
बीआईएस नियम, 2018 की धारा 49 के अनुसार, सोने के जरूरी मानकों के अनुरूप नहीं होने की स्थिति में, खरीदार / ग्राहक को मुआवजा दिया जाएगा। आगे जानिए शिकायत का तरीका।
बीआईएस के पास करें शिकायत
बीआईएस एक सुस्थापित शिकायत निवारण प्रक्रिया का पालन करता है। शिकायतें शिकायत प्रबंधन और प्रवर्तन विभाग में केंद्रीय रूप से दर्ज की जाती हैं। शिकायत ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से की जा सकती है। ऑनलाइन शिकायत बीआईएस मोबाइल ऐप बीआईएस केयर के माध्यम से या www.bis.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत पंजीकरण पोर्टल का उपयोग करके या complaints@bis.gov.in को एक मेल भेजकर की जा सकती है।
डायरेक्ट शिकायत का तरीका
बीआईएस के निकटतम क्षेत्रीय/शाखा कार्यालय के लोक शिकायत अधिकारी से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करके/लिख कर या सीधे प्रमुख (शिकायत प्रबंधन और प्रवर्तन विभाग) को भी शिकायत की जा सकती है। शिकायत मिलने पर इसकी जांच की जाती है और इसके निवारण के लिए आगे की कार्रवाई की जाती है।
हॉलमार्क से जानिए सोने की शुद्धता
देश में सोने की ज्वेलरी के लिए गोल्ड हॉलमार्किंग का नियम लागू हो चुका है। जेवर बनाने में 22 कैरेट गोल्ड का ही इस्तेमाल होता और यह सोना 91.6 फीसदी शुद्ध होता है। लेकिन असर इसमें मिलावट कर 89 या 90 फीसदी शुद्ध सोने को ही 22 कैरेट गोल्ड बताकर जेवर को बेच दिया जाता है। इसीलिए जब भी जेवर खरीदें तो उसकी हॉलमार्क के बारे में जानकारी जरूर ले लें। अगर गोल्ड की हॉलमार्क 375 है तो यह गोल्ड 37.5 फीसदी शुद्ध सोना है। वहीं अगर हॉलमार्क 585 है तो यह सोना 58.5 फीसदी शुद्ध है। 750 हॉलमार्क होने पर यह सोना 75.0 फीसदी खरा है। 916 हॉलमार्क होने पर सोना 91.6 फीसदी खरा है। 990 हॉलमार्क होने पर सोना 99.0 फीसदी खरा होता है। अगर हॉलमार्क 999 है तो सोना 99.9 फीसदी खरा है।
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