नयी दिल्ली। देश में प्राइवेट सेक्टर के दूसरे सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक के जनवरी-मार्च तिमाही के फाइनेंशियल परिणाम काफी शानदार रहे। बैंक ने जनवरी-मार्च तिमाही में 1221.36 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 26 फीसदी अधिक है। बता दें कि 2019 की जनवरी-मार्च तिमाही में इसे 969 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। हालांकि आईसीआईसीआी बैंक का मुनाफा जानकारों के अनुमान से काफी कम रहा। जानकारों का अनुमान था कि बैंक करीब 3000 करोड़ रुपये के मुनाफे में रहेगा। बैंक का मुनाफा कोरोनावायरस के कारण बनाए गए अधिक प्रोविजन की वजह से अनुमानों से चूका। वहीं पूरे वित्त वर्ष 2019-20 में देखें तो 2018-19 के मुकाबले आईसीआईसीआई बैंक का मुनाफा 136 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 7931 करोड़ रुपये रहा।
इसलिए बनाए 2725 करोड़ रुपये के प्रोविजन
आईसीआईसीआई बैंक ने कहा कि उसने बैलेंस शीट को और मजबूत करने के लिए स्टैंडर्ड एसेट्स के मुकाबले लगभग 2,725 करोड़ रुपये के कोरोना संबंधित प्रोविजन (अचानक वाले खर्चे) बनाए। बैंक की तरफ से बनाएगए अतिरिक्त प्रोविजन 17 अप्रैल 2020 को आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार आने वाली आवश्यकता से अधिक है। बैंक के मुताबिक अगर कोरोना संबंधित प्रोविजन को हटा दिया जाए तो टैक्स के बाद इसका मुनाफा 3,260 करोड़ रुपये होगा। मार्च तिमाही में बैंक के प्रोविजन और आकस्मिकता (Contingencies) सालाना आधार पर 9.5 प्रतिशत बढ़कर 5,967.44 करोड़ रुपये के हो गए।
ब्याज आमदनी में हुआ इजाफा
तिमाही के लिए बैंक की शुद्ध ब्याज इनकम वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 17.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 8,926.89 करोड़ रुपये रही। इसमें 10 प्रतिशत लोन ग्रोथ और जमा राशि में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बैंक की ब्याज इनकम जानकारों के 8,669 करोड़ रुपये के अनुमान से अधिक रही। वहीं बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.72 फीसदी से बढ़ कर 3.87 फीसदी हो गया। शुद्ध ब्याज मार्जिन बैंक की ब्याज इनकम और दिए गए ब्याज की राशि के बीच का अंतर होता है। बैंक का कोर ऑपरेटिंग प्रोफिट 18 फीसदी बढ़ कर 7148 करोड़ रुपये रहा।
एनपीए में हुआ सुधार
आईसीआईसीआई बैंक के एनपीए अनुपात में सुधार हुआ है। बैंक का सकल एनपीए अनुपात दिसंबर तिमाही के मुकाबले 42 बेसिस पॉइंट गिर कर 5.53 फीसदी और शुद्ध एनपीए अनुपात 8 बेसिस पॉइंट घट कर 1.41 फीसदी रह गए। तिमाही में कुल जमा राशि 18 प्रतिशत बढ़कर 7,70,969 करोड़ रुपये हो गई। इसके अलावा बैंक की फी इनकम में 13 फीसदी और ट्रेजरी इनकम में 55 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इस बीच बैंक ने डेब्ट प्रतिभूति जारी करके पूंजी जुटाने को मंजूरी दे दी, जिसमें घरेलू बाजारों में गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर के माध्यम से लगभग 25,000 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। बता दें कि बैंक का शेयर पिछले एक साल में 12 प्रतिशत गिर गया है, जबकि मार्च तिमाही में ये 40 प्रतिशत गिरा है।
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