ICICI Bank, Bank of Baroda ने दिया झटका, महंगा कर दिया Loan, बढ़ेगी EMI

नई द‍िल्‍ली, मई 5। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर ने बुधवार को प्रमुख नीतिगत दरों में आश्चर्यजनक रूप से 40 आधार अंकों (बीपीएस) की बढ़ोतरी की घोषणा की। साथ ही नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में भी 50 आधार अंकों की वृद्धि की गई है, जिससे ब्याज दरों पर और दबाव बढ़ गया है। आश्चर्य नहीं है कि बैंकों ने आरबीआई की इस घोषणा के अनुरूप अपने रेपो दर से जुड़े होम लोन में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की घोषणा शुरू कर दी है। जिन बैंकों ने अपने एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड ब्याज दरों में वृद्धि की है उनमें आईसीआईसीआई बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं। इससे इनकी ईएमआई भी बढ़ेगी, जिसका सीधा असर उधारकर्ताओं पर भी बढ़ेगा।

आईसीआईसीआई बैंक ने बढ़ाई दरें

आईसीआईसीआई बैंक ने बढ़ाई दरें

आरबीआई की घोषणा के तुरंत बाद आईसीआईसीआई बैंक ने अपनी वेबसाइट पर कहा "आईसीआईसीआई बैंक एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट" (आई-ईबीएलआर) को रेपो दर पर मार्क-अप के साथ आरबीआई पॉलिसी रेपो दर से संदर्भित किया जाता है। इसके साथ ही बैंक ने अपनी आई-ईबीएलआर को 8.10 फीसदी प्रति वर्ष कर दिया है। नयी दर 4 मई 2022 से लागू हो गयी है।

बैंक ऑफ बड़ौदा

बैंक ऑफ बड़ौदा

5 मई 2022 से रिटेल लोन के लिए प्रासंगिक बड़ौदा रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (बीआरएलएलआर) 6.90 प्रतिशत है। इसकी नयी दर बैंक ऑफ बड़ौदा की वेबसाइट के अनुसार वर्तमान आरबीआई रेपो दर : 4.40 प्रतिशत + मार्क-अप-2.50 प्रतिशत है। यानी कुल मिला कर 6.90 फीसदी।

बाहरी बेंचमार्क ऋण दर (एक्सटर्नल बेंचमार्क लोन रेट) क्या है?

बाहरी बेंचमार्क ऋण दर (एक्सटर्नल बेंचमार्क लोन रेट) क्या है?

आरबीआई ने अनिवार्य किया था कि 1 अक्टूबर 2019 से सभी नए फ्लोटिंग रेट पर्सनल या रिटेल लोन (हाउसिंग, ऑटो आदि) को एक बाहरी बेंचमार्क दर से जोड़ा जाएगा।
बैंक आगे बताए जाने वाले किसी भी बाहरी बेंचमार्क दर से इसे चुनने के लिए स्वतंत्र हैं:
ए) आरबीआई की नीतिगत रेपो दर
बी) फाइनेंशियल बेंचमार्क इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रकाशित भारत सरकार 3 महीने के ट्रेजरी बिल यील्ड
सी) भारत सरकार के 6 महीने के ट्रेजरी बिल की यील्ड (एफबीआईएल द्वारा प्रकाशित)
डी) एफबीआईएल द्वारा प्रकाशित कोई अन्य बेंचमार्क बाजार ब्याज दर

क्या है ब्याज वसूलने का प्रोसेस

क्या है ब्याज वसूलने का प्रोसेस

एक ब्याज दर पर पहुंचने के लिए जो लोन पर लगाई जाएगी, पहले मार्जिन को रेपो दर में जोड़ा जाता है जिसके साथ हम रेपो दर से जुड़ी उधार दर (आरएलएलआर) पर पहुंचते हैं और फिर ब्याज दर पर पहुंचने के लिए आरएलएलआर में जोखिम प्रीमियम जोड़ा जाता है, जिसे चार्ज किया जाएगा।

उधारकर्ता क्या करें

उधारकर्ता क्या करें

जानकार अनुमान लगा रहे हैं कि और बैंक जल्द ही दरों में बढ़ोतरी की घोषणा कर सकते हैं। रेपो दर में 40 बीपीएस की बढ़ोतरी से मौजूदा और नए दोनों तरह के कर्जदारों के लिए उधारी की लागत बढ़ जाएगी। होम लोन या बाहरी बेंचमार्क दरों, विशेष रूप से रेपो दर से जुड़े किसी अन्य ऋण का लाभ उठाने की योजना बनाने वालों पर इसका प्रभाव तेजी से होगा। रेपो दर या किसी अन्य ब्याज दर बेंचमार्क से जुड़े मौजूदा उधारकर्ताओं के लिए ब्याज दरें, आंतरिक और बाहरी दोनों, उनके लोन की अगली रीसेट तिथि तक समान रहेंगी। रेपो दर में कटौती का निश्चित ब्याज दरों पर लिए गए किसी भी ऋण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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