IBM Layoff News: अमेरिका और चीन के बीच चल रहे जियो-पॉलिटिकल टेंशन ग्लोबल ट्रेड स्ट्रैटेजी को नया आकार दे रहे हैं, जिसका इन क्षेत्रों में काम करने वाली IBM जैसी कंपनियों पर भी प्रभाव पड़ रहा है. ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक IMB चीन में 1,000 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी कर रही है. साथ ही रिसर्च ऑपरेशंस को भी बंद कर रही है. क्योंकि बीजींग और वॉशिंगटन के बीच तनाव से ग्लोबल ट्रेड स्ट्रैटेजी पर असर पड़ रहा है.
कई सरकारी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, IMB चीन में 1,000 से ज़्यादा नौकरियां खत्म करने की योजना बना रही है. इस फैसले से बीजिंग और वाशिंगटन के बीच भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है, जिससे कई ग्लोबल कंपनियों को दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन में अपनी मौजूदगी का फिर से मूल्यांकन करने के लिए सोचना पड़ रहा है.
चीन में IMB का कारोबारी प्रदर्शन
चीन के सरकारी स्वामित्व वाली वित्तीय मीडिया आउटलेट यिकाई ने बताया कि IBM चीन में अपने रिसर्च ऑपरेशंस को पूरी तरह से बंद कर देगा, जिसमें चाइना डेवलपमेंट लैब शामिल है. जो 1999 से चालू है और चाइना सिस्टम्स लैब. कंपनी ने अभी तक नौकरी जाने की नंबर्स या चीन में किसी रिसर्च एंप्लॉई को बनाए रखने के बारे में कोई स्टेटमेंट नहीं जारी किया है.

ट्रेड पर जियो-पॉलिटिकल टेंशन का असर
अमेरिका और चीन के बीच संबंध खास तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ग्रीन टेक्नोलॉजी से जुड़े मुद्दों पर खराब हो गए हैं. नेशनल सिक्योरिटी टेंशन ने कई कंपनियों को कर्मचारियों की छंटनी करने या उन्हें दूसरी जगह निकलने के लिए पुश किया है. एक अन्य सरकारी मीडिया आउटलेट जीमियान ने बताया कि बीजिंग, शंघाई और डालियान में कर्मचारियों को प्रभावित करने वाली नौकरियों में कटौती का ऐलान एंटरप्राइज सिस्टम डेवलपमेंट एग्जीक्यूटिव जैक हेरगेनरोदर ने की. हेरगेनरोदर ने कहा कि चीन में IBM का इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस गिरावट में था और रिसर्च एक्टिविटी को अन्य लैब ट्रांसफर किया जाएगा, जिसमें संभवत भारत में सुविधाएं भी शामिल होंगी.
चीन में IMB की एंट्री
अमेरिकी टेक कंपनी IBM का चीन में एक लंबा इतिहास है, जो 1934 से शुरू होता है. जब कंपनी ने पहली बार बीजिंग के एक बड़े अस्पताल को मशीनें सप्लाई की थीं. फिर 1984 में कंपनी ने चीनी मार्केट में एंट्री किया. हालांकि, हाल के सालों में अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर में बिजनेस ऑपरेशंस के लिए लगातार मुश्किलें बढ़ाई हैं. कॉन्फ्रेंस बोर्ड एशिया के सीनियर एडवाइजर डेविड हॉफमैन ने कहा कि नेशनल सिक्योरिटी टेंशन की वजह से पश्चिमी कंपनियों के लिए मार्केट तक पहुंच सीमित हो रही है.
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