नयी दिल्ली। दोस्ती जितनी पुरानी हो उतनी ही गहरी होती जाती है। फिर यही गहरी दोस्ती सुख-दुख में भी काम आती है। ऐसी ही एक मिसाल कायम ही चार दोस्तों ने, जिन्होंने बेरोजगार होने पर मिल कर एक बिजनेस खड़ा कर दिया और कमाई लाखों में पहुंचा दी। कोरोना संकट के बीच लॉकडाउन के दौरान लाखों-करोड़ों लोग बेरोजगार हुए। कुछ ऐसा ही इन दोस्तों के साथ भी हुआ। मगर इन्होंने हार नहीं मानी और मिल कर एक अनूठा बिजनेस शुरू किया। अब इनकी कमाई लाखो में है। आइए जानते हैं इस बेमिसाल दोस्ती के बारे में।
क्यों हुए बेरोजगार
ये कहानी है दिव्य जैन, भूपेन्द्र जैन, रौनक और विक्रम की, जो राजस्थान के उदयपुर से ताल्लुक रहते हैं। चारों दोस्त टूरिज्म सेक्टर से जुड़े थे। राजस्थान के उदयपुर में पर्यटक खूब आते हैं। मगर लॉकडाउन में पर्यटन सेक्टर को बहुत नुकसान हुआ, जिससे इन चारों दोस्तों की हालत भी खराब हो गई। फिर इन्होंने मिल कर खेती शुरू करने का प्लान बनाया। मगर इन दोस्तों ने सामान्य खेती नहीं बल्कि हाइड्रोपोनिक फार्मिंग का रुख किया। ये कुछ नया था।
खास चीजें उगाना शुरू किया
उदयपुर शहर से कुछ दूरी पर इन्होंने 10000 वर्ग फीट में एक खास फार्म तैयार किया। इसी फार्म को हाइड्रोपोनिक फार्मिंग भी कहा जाता है। इस फार्म पर ये लोग अब ओक लेट्यूस, पाक चोय, चैरी-टोमेटो, ब्रॉकली, बेसिल और बेल पेपर जैसी चीजों की खेती कर रहे हैं, जिनके नाम भी आम तौर पर लोग नहीं जानते। असल में इन सभी सब्जियों की ज्यादा मांग 5-स्टार होटलों में रहती है। बाहर से आने वाले लोग इन्हें काफी पसंद करते हैं।
सिर्फ पानी से होती है खेती
हैरानी की बात ये है कि हाइड्रोपोनिक फार्मिंग बिना मिट्टी के होती है। ये बात इन दोस्तों के लिए भी अटपटी थी। पर इन दोस्तों ने इस खास खेती पर काफी जानकारी हासिल की। आखिर में इन्होंने उदयपुर में पॉली हाउस बनाकर खेती का काम शुरू कर दिया। इस खेती में मिट्टी का इस्तेमाल नहीं होता। हाइड्रोपोनिक फार्मिंग में सिर्फ पौधों की जड़ों तक पाइप की मदद से पानी पहुंचाया जाता है। इतना करने से ही पोषक सब्जियां उगाई जाती हैं।
हासिल हो रही कामयाबी
उदयपुर में नयी खेती की शुरुआत करने वाले इन दोस्तों को कामयाबी मिल रही है। दो महीने में ये ऐसी फसल तैयार करने में कामयाब रहे, जिसकी 5-स्टार होटलों में काफी मांगा जाता है। इन होटलों में नाश्ते और फास्ट फूड के लिए इन्हें इस्तेमाल किया जाता है। यह खेती इसलिए भी कमाल की है क्योंकि इसमें कीटनाशक का भी इस्तमाल नहीं किया गया है।
शुरू हो गई है तगड़ी कमाई
इन दोस्तों की कमाई अब काफी अधिक हो गयी है। वैसे उनका ये आइडिया भी पर्यटन से ही जुड़ा हुआ है। कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन में बेरोजगार होने के बाद इन दोस्तों को डर था कि खेती का काम सफल होगा या नहीं। मगर स्थिति धीरे धीरे सामान्य हो रही है और उनकी कमाई भी बढ़ रही है। क्योंकि पर्यटकों के दम पर ही उनकी फसल की मांग बढ़ रही है।


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