नई दिल्ली, जुलाई 27। लखनऊ के लुलु मॉल में पिछले कुछ दिनों में बहुत ज्यादा विवाद देखने को मिला है। जिस मॉल में इतना विवाद हुआ उस मॉल का उद्घाटन हुए 17 दिन भी नहीं बीते हैं। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीती 10 जुलाई को इस मॉल का उद्घाटन किया था। लुलु मॉल में बवाल के बाद न सिर्फ ये मॉल बल्कि इसके मालिक भी सुर्खियों में हैं। आइये जानते हैं लुलु मॉल के मालिक यूसुफ अली के बारे में और वे कैसे बने 480 करोड़ डॉलर के मालिक।
भारत में 14 हजार करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट का प्लान
लखनऊ में बने इस नए लुलु मॉल का मालिक लुलु इंटरनेशन ग्रुप है। अबुधाबी के बिजनेस मैन यूसुफ अली जिन्होंने भारत में 14 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है। उनकी निवेश की पहली कड़ी लखनऊ का लुलु मॉल है। अगले कुछ वर्षो में कंपनी देश में कई मॉल और फूड प्रोसेसिंग हब बनाएगी। अकेले उत्तर प्रदेश में दो हजार पांच सौ करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट किया जाएगा।
पिता की मदद के लिए अहमदाबाद आ गए
15 नवंबर 1955 को केरल के त्रिशूर जिले के नाट्टिका गांव में यूसुफ अली का जन्म हुआ था। शुरुआती पढ़ाई त्रिशूर के ही करनचीरा गांव के सेंट जेवियर हाई स्कूल में हुई। उनके पिता तब गुजरात के अहमदाबाद में राशन की एक दुकान चलाते थे। 15 साल की उम्र में वे पिता की मदद के लिए अहमदाबाद आ गए। वहीं, उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में डिप्लोमा किया।
1989 में उन्होंने अपना पहला डिपार्टमेंटल स्टोर खोला
तीन वर्ष अपने पिता के साथ काम करने के बाद यूसुफ अली अबुधाबी चले गए। जहा अली अपने चाचा की कारोबार में मदद करने लगे। जो अबुधाबी में राशन का बिजनेस करते थे। अली के चाचा का व्यापार सिंगापुर, हॉन्गकॉन्ग जैसे देशों में भी था। अली चाचा के साथ इन देशों में गए यहीं उन्हें सुपरमार्केट खोलने का आइडिया आया। जब 1989 में 34 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपना पहला डिपार्टमेंटल स्टोर खोला।
साल 2000 में शुरू हुआ लुलु ग्रुप इंटरनेशनल का सफर
अली के डिपार्टमेंटल स्टोर का सिलसिला 1989 में शुरू हुआ वर्ष 2000 अली ने लुलु ग्रुप इंटरनेशनल की स्थापना की थी। लुलु एक अरबी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है 'मोती'। आज यह कंपनी दुनिया के कई देशों में सुपरमार्केट और रिटेल स्टोर की चेन चलाती है। उसका मुख्यालय अबु धाबी में है।


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