US Tariff Impact on India: भारतीय कंपनियों की कमाई में एशिया में सबसे अधिक गिरावट देखी गई है। विश्लेषकों ने पूर्वानुमानों में कटौती की है, क्योंकि अमेरिका के लगाए गए भारी टैरिफ से विकास के लिए जोखिम बढ़ गया है, भले ही प्रस्तावित घरेलू टैक्स कटौती से प्रभाव को कम करने में मदद मिले।

भारत पर टैरिफ का असर!
एलएसईजी आईबीईएस (LSEG IBES) के आंकड़ों के अनुसार, भारत की बड़ी और मध्यम-कैप कंपनियों के लिए आगामी 12 महीने की आय अनुमानों में पिछले दो सप्ताह में 1.2% की कटौती की गई है, जो एशिया में सबसे अधिक है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने से अरबों डॉलर के व्यापार पर असर पड़ने और दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश में हजारों नौकरियों के लिए खतरा पैदा होने की आशंका है। इस आशंका के बीच कुछ राज्यों में इसका असर दिखना भी शुरु हो गया है।
इस कदम से समुद्री खाद्य, कपड़ा, रत्न एवं आभूषण, और ऑटो पार्ट्स सहित प्रमुख भारतीय निर्यात क्षेत्र प्रभावित होंगे।
5 सालों में भारत-अमेरिका निर्यात

5 सालों में भारत-अमेरिका आयात

टैरिफ के बोझ का निर्यात पर असर
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी आयात शुल्क में भारी बढ़ोतरी ने आंध्र प्रदेश के समुद्री खाद्य (फूड) क्षेत्र में गंभीर संकट पैदा कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य को झींगा निर्यात के रद्द हुए ऑर्डरों से अनुमानित 25,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। राज्य के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने संकटग्रस्त उद्योग को सहायता देने के लिए केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

भारतीय झींगे पर कुल मिलाकर अब 59.72 प्रतिशत का शुल्क लग चुका है। इसमें मौजूदा 25 प्रतिशत शुल्क के ऊपर हाल ही में लगाया गया 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ भी शामिल है। 5.76 प्रतिशत प्रतिपूरक शुल्क और 3.96 प्रतिशत एंटी डंपिंग चार्ज भी लागू है। लगभग 2,000 शिपिंग कंटेनरों पर लगभग 600 करोड़ रुपये के इस भारी टैरिफ बोझ ने भारतीय झींगे को अमेरिकी बाजार में अप्रतिस्पर्धी बना दिया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य से लगभग आधे निर्यात ऑर्डर इसके रद्द कर दिए गए।
समुद्री खाद्य निर्यात का प्रमुख केंद्र है आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश राज्य समुद्री खाद्य निर्यात (Food export) एक प्रमुख केंद्र है, जो भारत के झींगा निर्यात (Shrimp export) का 80% और कुल समुद्री निर्यात का 34% हिस्सा है। इस व्यापार का वार्षिक मूल्य लगभग 21,246 करोड़ रुपये है। यह उद्योग अनुमानित 30 लाख लोगों को आजीविका देता है जो राज्य में झींगा निर्यात और उससे जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर हैं।
राज्य सरकार ने पहले ही कुछ राहत उपाय शुरू कर दिए हैं। इनमें जलीय चारे की कीमत 9 रुपये प्रति किलोग्राम कम करना और जलीय कृषि में इस्तेमाल होने वाले ट्रांसफार्मरों के लिए सब्सिडी पर विचार करना शामिल है।
भारत का 60 प्रतिशत कालीन निर्यात अमेरिका को जाता है
इस बीच उत्तर प्रदेश के एमएसएमई और कपड़ा मंत्री राकेश सचान का कहना है कि यूपी सरकार अमेरिका के लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ के कारण राज्य के किसी भी उद्योग को लड़खड़ाने या बंद होने नहीं देगी। भारत का 60% कालीन निर्यात अमेरिका को जाता है, जिससे यह टैरिफ एक गंभीर चुनौती बन गया है। राकेश सचान ने कहा कि सरकार स्थिति को लेकर चिंतित है और इस संकट के कारण किसी भी उद्योग को बंद नहीं होने देगी।
केरल पर गंभीर प्रभाव की आंशका
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि अमेरिका के हाल ही में की गई टैरिफ बढ़ोतरी राज्य की अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डालेगी। उन्होंने बताया कि अमेरिका केरल के कृषि उत्पादों का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है, जहां राज्य का 20% से ज्यादा काजू, चावल, सब्जियां, प्रॉसेस फल और अनाज का आटा अमेरिका को निर्यात किया जाता है। एक आधिकारिक बयान में मुख्यमंत्री के हवाले से कहा गया है कि केरल में देश में सबसे ज्यादा समुद्री खाद्य प्रोसेस यूनिट भी हैं, और अतिरिक्त शुल्कों से समुद्री खाद्य निर्यात पर भी असर पड़ने की आशंका है।
केरल को भारी नुकसान का खतरा
केरल के पारंपरिक निर्यात उद्योग वर्षों में अपनी सबसे कठिन चुनौतियों में से एक का सामना कर रहे हैं, राज्य सरकार ने चेतावनी दी है कि इससे राजस्व में कमी आ सकती है, आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो सकती है और हजारों श्रमिक है जिनमें से कई महिलाएं हैं जो बेरोजगार हो सकते हैं।

प्रारंभिक अनुमान के अनुसार राज्य के निर्यात क्षेत्र को प्रतिवर्ष 2,500 करोड़ रुपये से 4,500 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है। केरल के वित्त मंत्री के एन बालगोपाल ने कहा कि ऑर्डर रद्द किए जा रहे हैं, कोल्ड स्टोरेज में स्टॉक जमा हो रहा है और प्रोसेसिंग प्लांट का यूज 20% से नीचे गिर गया है। भारत का 80% से अधिक काली मिर्च निर्यात इसी राज्य से होता है। साथ ही इलायची, अदरक, मसाला तेल और ओलियोरेसिन भी इसी राज्य से होता है।
टैरिफ प्रभाव पर केंद्र सरकार का अनुमान
डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के प्रभाव को लेकर केंद्र सरकार ने कहा कि 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ लागू होने से लगभग 50 बिलियन डॉलर मूल्य के भारतीय सामान प्रभावित होंगे।
More From GoodReturns

नया मल्टी-एसेट NFO: SIP या एकमुश्त, निवेश से पहले ये 5 बातें जरूर जानें

Sugar Stocks: चीनी की कीमतों में आग, इन 7 शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग की दमदार रणनीति

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Tempsens Instruments IPO: आज से खुला निवेश का मौका, जानें प्राइस बैंड और लॉट साइज की पूरी डिटेल

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

Kotak Diversified Equity All Cap NFO: आज बंद हो रहा है निवेश का मौका, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

PMFBY खरीफ 2026: आज है रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन, बैंक बंद होने पर भी ऐसे करें आवेदन

Shiprocket Listing Today: शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री! क्या ₹120 के पार खुलेगा भाव?



Click it and Unblock the Notifications