Toy manufacturing Business: आज के समय में लगभग सभी नागरिकों की इच्छा है कि वह अपने रेगुलर के नौकरी के साथ-साथ कुछ अतिरिक्त कमाई करे। अगर आप भी कुछ ऐसे ही बिजनेस आईडिया की खोज में हैं तो आप अपने हुनर से आप लाखो रुपए की अतीरिक्त कमाई कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के कैंपेन के तहत देश में खिलौना इंडस्ट्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। खिलौना एक ऐसा प्रोडक्ट है जिसकी डिमांड कभी भी कम होने वाली नहीं है। आप खिलौने के व्यपार के साथ अपने आप को आत्मनिर्भर बना सकते हैं।

चीन का है दबदबा
भारत के बाजार में चीन के बने हुए खिलौना का भारी दबदबा है। मोदी सरकार की नियती चीन से निर्भता कम कनरे की है। सरकार की विजन है कि अमेरिका और यूरोप के लड़को हाथो में भारत में बने खिलौने हों। सरकार इसके लिए भरपूर कोशिश भी कर रही है। भारत में बने खिलौने बाहर जाने से देश का निर्यात बढ़ेगा। सरकार अपने प्रयास में काफी हद तक सफल हो रही है। खिलौना बनाने के बिजनेस में हाथ आजमाना एक अच्छा बिजनेस विकल्प है। यह एक ऐसी इंडस्ट्री है जिसके प्रॉडक्ट की डिमांड हमेशा बनी रहती है।
छोटे स्तर पर करें शुरूआत
यह बात हम सभी जानते हैं कि कोई भी बिजनेस तुरंत बड़ा नहीं बन पाता है। शुरुआत में अधिक कारगरों के साथ बिजनेस शुरू करना कोई होशियारी नहीं होती है। रिसर्च कर के एक बेहतर तरीके से रिसर्च करके बिजनेस शुरू करना हमेशा फायदेमंद होता है। कोई भी व्यक्ति सॉफ्ट टॉयज और टेडी बनाने के बिजनेस को कम लागत में शुरू कर सकते हैं। केवल 40 से 50 हजार रुपए के निवेश से इस बिजनेस को शुरू किया जा सकता है।

कम लागत में होगी शुरूआत
खिलौना बनाने का बिजनेस शुरू कनरे के लिए निवेश की बात करें तो पहले आपको सामान्य तौर पर दो मशीनें खरीदनी होगी। कच्चा के लिए माल खरीदना होगा। इसके अतिरिक्त छोटे पैमाने पर सॉफ्ट टॉय और टेडी बनाने वाले मशिन और सिलाई मशिन खरीदने की जरूरत होगी। हाथ से कपड़ा काटने वाली मशिन की कीमत बाजार में 4,000 रुपए की है। इसके अतिरिक्त इसमें अन्य वस्तुओं के लिए 10 हजार रुपए का खर्च आएगा। काम शुरू करते सयम आप 15,000 रुपये के कच्चा मॉल से आप 100 यूनिट टॉयज बना सकते हैं। आप इस बिजनेस को कुल 35 हजार रुपए से शुरू कर सकते हैं। 35 हजार रुपए के शुरूआत करने पर आप 50 से 60 हजार रुपए कमा सकते हैं।
खिलौने का बढ़ रहा है निर्यात
खबरों की माने तो सिर्फ तीन-चार साल पहले तक भारत में बिकने वाले 85 फीसदी खिलौने चीन से आयात किए जाते थे। अब अमेरिका, यूरोप, जापान, न्यूजीलैंड, आस्ट्रेलिया जैसे देश के बच्चे भारतीय खिलौनों को खरीद रहे हैं। भारतीय खिलौना निर्माता ग्लोबल टाय ब्रांड बनता जा रहा है। देश में खिलौना के आयात में 70 फीसदी कमी आई है। देश में व्यापार बढ़ रहा है और इसमें खिलौने का उत्पादन बढ़ रहा है।


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