Loss Harvesting: मार्च भारत में 'टैक्स पेयर्स के लिए मार्च का महीना एक महत्वपूर्ण समय है। ऐसा इस लिए भी है क्योंकि यह आपको टैक्स में बचत के लिए जरूरी टाइम है। अगर दूसरे शब्दों में चाहे तो, टैक्स प्लानिंग टैक्स पर लगने वाले पैसों को बचाने का एक लीगल तरीका है। हालांकि, टैक्स प्लानिंग एक लीगल प्रोसेस है इसलिए इसे टैक्स चोरी से कंफ्यूज नहीं किया जाना चाहिए। लोगों के द्वारा अक्सर इनकम टैक्स में छूट पाने के लिए इनकम टैक्स अधिनियम के तहत आने वाली 80C और इसके जैसी अन्य धाराओं का इस्तेमाल भी जाता है।
वैसे तो जो व्यक्ति नौकरी कर रहा है, वह अपनी सैलरी, इंटरेस्ट और पूंजीगत लाभ पर भी टैक्स में करता है। अगर हम पूजागत लाभ यानी कैपिटल गेन पर टैक्सेशन की बात करें तो इस दौरान जितने समय के लिए कोई भी सिक्योरिटी या फिर निवेश को रखा जाता है आपको उसे अवधि के हिसाब से टैक्स देना पड़ता है।

इक्विटी और डेट सिक्योरिटीज पर अलग-अलग इन्वेस्टमेंट टाइप के हिसाब से अलग-अलग टैक्स रेट भी लगाया जाता है।
अगर बात की जाए 1 साल के इक्विटी शेयर होल्डिंग पीरियड की तो 1 साल के कम समय वाले शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस पर 15 प्रतिशत तक का टैक्स रेट लगता है।
वहीं एक साल से उपर के निवेश पर अगर एक लाख रुपए ज्यादा की फायदा होता है, तो 10 प्रतिशत तक का टैक्स रेट लगता है।
अगर डेट की बात करते हैं, तो 1 से कम समय के निवेश वाले डेट फंड पर जिसका टाइम पीरियड 3 साल के कम है या तीन साल से ज्यादा है, तो इश पर लगने वाला कर टैक्स स्लैब के हिसाब से लगता है।
टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग से बचा सकते हैं टैक्स
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि अगर आपकी सिक्योरिटी में कोई लॉस हो रहा है, तो उसे बेचकर आप अपने कैपिटल गेन पर टैक्सेशन को कम कर सकते हैं।
मान लीजिए अगर आपका शॉर्ट टर्म कैपिटल गैन 1 साल से कम समय में 1,00,000 रुपए का होता है, तो 15 प्रतिशत टैक्स रेट के हिसाब से व्यक्ति को 15000 रुपए देना होता है।
मान लीजिए किसी व्यक्ति के पास ऐसे स्टॉक है, जिस पर उसको पहले से ही 60000 रुपए का नुकसान हो चुका है। ऐसे में निवेशकों को अपने स्टॉक को घाटे में बेचकर 1,00,000 रुपए के पूंजीगत लाभ की भरपाई कर सकता है।
इस हिसाब से अब उन्हें 40,000 रुपए पर टैक्स देना होता है। वहीं आप 40,000 रुपए पर 15 प्रतिशत का भुगतान करना होगा। इस हिसाब से आपको टैक्स के रूप में 6000 रुपए देने होंगे।
इसी तरह से आप लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट पर भीटैक्स हार्वेस्टिंग कर सकते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दे की इक्विटी और म्युचुअल फंड्स को 1 लाख रुपए तक का टैक्स एक्जंपक्शन देने वाला माना जाता है। टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग करते समय, किसी को म्यूचुअल फंड द्वारा लगाए गए एग्जिट लोड के प्रभाव पर ध्यान देना चाहिए।
टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग पूंजीगत लाभ पर कर देनदारियों को कम करने के लिए एक कानूनी रास्ता देता है। रणनीतिक रूप से घाटे में प्रतिभूतियों को बेचकर, करदाता बेहतर वित्तीय योजना के साथ जुड़कर अपने कर भुगतान को काफी कम कर सकते हैं।
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