नई दिल्ली। अगर आपको लगता है कि म्यूचुअल फंड काफी अच्छा रिटर्न देते हैं, तो यह फायदा आप बच्चों के नाम भी खरीद कर भी उठा सकते हैं। बच्चों के नाम म्युचुअल फंड में निवेश करना बहुत ही आसान है। यह निवेश आप चाहें तो बच्चे के जन्म लेते ही शुरू कर सकते हैं। आमतौर पर लोग अगर बच्चों के नाम निवेश करते हैं, तो उसे जल्दी कैश नहीं कराते हैं। क्योंकि उनको लगता है कि बच्चे के नाम निवेश है, तो उसे क्यों जल्द निकाल कर बेकार किया जाए। इस प्रकार आमतौर पर बच्चों के नाम का निवेश काफी समय तक बना रहता है। अगर आप भी बच्चों के नाम पर लम्बे समय तक निवेश कर सकते हैं, तो म्यूचुअल फंड में निवेश उन्हें आसानी से करोड़पति बना सकता है। ऐसे में आइये जानते हैं कि बच्चों के नाम पर म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे किया जाता है।
कितना भी किया जा सकता है निवेश
आप बच्चों के नाम पर कितना भी निवेश कर सकते हैं। अगर पेरेंट्स चाहें तो यह निवेश कभी भी निकाल सकते हैं। लेकिन अगर यह निवेश बच्चे की उम्र 18 साल तक चलता रहेगा तो फिर यह बच्चे के नाम पर भी कैश होगा। अगर मां-बाप बच्चे के जन्म लेते ही शुरू कर दें तो उसके 18 वर्ष का होने तक आसानी से 1 करोड़ रुपये का फंड तैयार किया जा सकता है।
कैसे म्युचुअल फंड में शुरू हो सकता है निवेश
बच्चे के लिए सिंगल नाम से ही म्युचुअल फंड में निवेश शुरू किया जा सकता है। ऐसे निवेश में गार्जियन का नाम या कोर्ट की तरफ से नियुक्त गार्जियन अभिभावक के रूप में इसमें रहता है।
क्या-क्या दस्तावेज चाहिए
इन दस्तावेजों में बच्चे की उम्र के साथ पिता या कोर्ट से नियुक्त गार्जियन के दस्तावेज लगाने होते हैं। उम्र के लिए बच्चे का बर्थ प्रमाणपत्र होना चाहिए। अगर बच्चे का पासपोर्ट हो तो वह भी मान्य है। यह दस्तावेज म्युचुअल फंड में निवेश शुरू करते वक्त चाहिए हाेते हैं। बाद में अगर इसी फोलियो में और निवेश करना हो तो किसी भी तरह के दस्तावेज की जरूरत नहीं पड़ती है। लेकिन अगर किसी दूसरी म्युचुअल कंपनी की स्कीम में निवेश करना हो तो, फिर से यही प्रक्रिया दोहरानी होती है। म्युचुअल फंड में इस निवेश के लिए बच्चे का बैंक खाता भी जोड़ा जा सकता है, और गार्जियन का बैंक खाता भी जोड़ा जा सकता है।
बच्चे के नाम हर माह भी पैसा जमा हो सकता है
म्युचुअल फंड में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (सिप) काफी अच्छा निवेश का तरीका माना जाता है। अगर कोई चाहता है कि उसके बच्चे के नाम पर सिप शुरू की जाए तो यह भी संभव है। लेकिन यह सिप केवल बच्चे के 18 साल के होने तक ही चल सकती है।
18 साल बाद बच्चे के नाम हो जाएगा निवेश
बच्चे के 18 साल का होने पर एक प्रक्रिया के बाद यह निवेश आम लोगों की तरह बच्चे के नाम पर हो जाएगा। म्युचुअल फंड कंपनियां बच्चे के 18 साल का होने पर इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए दस्तावेज भेजती हैं। लेकिन अगर आप ने यह प्रक्रिया किसी भी कारण से पूरा करने में देर की, तो बच्चे के नाम के म्युचुअल फंड निवेश में न तो और पैसा जमा किया जा सकेगा और न ही उसे निकाला जा सकेगा। 18 साल का होने पर बच्चे के नाम पर म्युचुअल फंड की प्रक्रिया को पूरा करना पड़ता है। इसमें बच्चे के नाम का बैंक अकाउंट और पैन नंबर चाहिए होता है। इसके बाद यह प्रक्रिया पूरी हो जाती है।
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