नयी दिल्ली। सोने में निवेश करने के कई तरीके हैं। मगर यदि आप इस कीमती धातु और इससे जुड़े बाकी सेक्टरों में डायरेक्ट निवेश से अलग ऑप्शन देखना चाहते हैं तो आप गोल्ड माइनिंग वाली कंपनियों के शेयरों में निवेश कर सकते हैं। जिस तरह कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी से ऑयल रिफाइनिंग करने वाली कंपनियों को फायदा होता है उसी तरह सोने की कीमतों में बढ़ोतरी या कमी से गोल्ड माइनिंग कंपनी के शेयर की कीमत बढ़ती है। यहां तक कि दुनिया के सबसे मशहूर निवेशक वॉरेन बफेट ने भी कोरोना महामारी के बीच एक गोल्ड माइनिंग कंपनी में निवेश किया। हालांकि बफेट गोल्ड में निवेश करना पसंद नहीं करते। यहां हम आपको बताएंगे कि भारत से कैसे किसी गोल्ड माइनिंग कंपनी में निवेश किया जा सकता है।
विदेशों में खूब फैला है गोल्ड माइनिंग सेक्टर
गोल्ड माइनिंग की दुनिया में 300 से अधिक पब्लिक कंपनियां हैं। मगर इनमें से लगभग सभी भारत के बाहर हैं। ज्यादातर कंपनियां कनाडा, अमेरिका, यूके और ऑस्ट्रेलिया में लिस्टेड हैं। यानी आपको भारत से इन देशों मे निवेश करना होगा। मगर टेंशन मत लीजिए ये काम इतना भी मुश्किल नहीं है। एक रास्ता है कि कोई भारतीय नागरिक इन वैश्विक शेयरों में म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश कर सकता है। अब सवाल ये है कि वो कौन से उपलब्ध म्यूचुअल फंड हैं जो इन कंपनियों में निवेश करते हैं।
डीएसपी गोल्ड माइनिंग फंड
डीएसपी गोल्ड माइनिंग फंड एक लोकप्रिय फीडर फंड है जो ब्लैकरॉक ग्लोबल फंड्स - वर्ल्ड गोल्ड फंड में निवेश करता है। फंड में सोने के अलावा चांदी, प्लैटिनम, कॉपर, निकेल और डायमंड स्टॉक का मामूली एक्सपोजर है। लेकिन मुख्य रूप से ये फंड गोल्ड माइनिंग स्टॉक में ही निवेश करता है।
ऐसे पता लगाएं मुनाफा
इस फंड के प्रदर्शन को मापने का एक तरीका एफटीएसई गोल्ड माइन्स इंडेक्स के साथ तुलना करना है। इसमें उन सभी गोल्ड माइनिंग कंपनियों को शामिल किया गया है जो साल में कम से कम 300,000 औंस का टिकाऊ उत्पादन करती हैं और 51 फीसदी से ज्यादा इनकम खनन किए गए गोल्ड से हासिल करती हैं। ये बेंचमार्क इंडेक्स उन कंपनियों के विश्वव्यापी बाजार के प्रदर्शन को दर्शाने के लिए डिजाइन किया गया है जिनका प्रमुख काम गोल्ड माइनिंग ही है।
वॉरेन बफेट का गोल्ड माइनिंग कंपनी में निवेश
अगस्त में बफेट की निवेश कंपनी बर्कशायर हैथवे ने टोरंटो स्थित दुनिया की सबसे बड़ी सोने की खनन कंपनियों में से एक बैरिक गोल्ड कॉर्प में 56.36 करोड़ डॉलर का निवेश किया। उन्होंने इस निवेश से कंपनी के 2.09 करोड़ शेयर खरीदे। हालांकि गौर करने वाली बात ये है कि गोल्ड कंपनी माइनिंग के शेयरों और सीधे गोल्ड में निवेश करना दो अलग-अलग चीजें हैं। वो बात अलग है कि सोने के रेट से इन कंपनियों के शेयर भी प्रभावित होते हैं।
अच्छी कंपनी है बैरिक गोल्ड
बफेट की कंपनी के बैरिक गोल्ड में निवेश करने के पीछे कई चीजें हैं, जिनमें इसकी अच्छी बैलेंस शीट, एसेट्स और लाभांश शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी सोने के अलावा तांबे का भी खनन करती है। यानी सोने के अलावा तांबे की कीमत में वृद्धि से भी ये अच्छा मुनाफा कमाएगी। कंपनी ज्यादा मुनाफा कमाएगी तो शेयर की कीमत भी बढ़ेगी।


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