Gold : देश में सोने की मांग हमेशा ही बनी रहती हैं। फेस्टिवल सीजन हो या घर में शादी ब्याह, सभी मौके पर सोने को खरीदना बेहद शुभ माना जाता हैं। बहुत से लोग तो ऐसे भी हैं जो लोग जितना गहना पहन नहीं पाते हैं। उससे अधिक गहने को खरीद लेते हैं। भले ही सोने को बेहद ही खास मौके पर पहना जाता हैं। मगर उसको खरीदने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाती हैं। इसकी एक मुख्य वजह हैं वो हैं निवेश। सोना जितना अधिक श्रृंगार के लिए महत्वपूर्ण हैं। उतना ही अधिक निवेश के लिए भी उसका महत्व होता हैं।
डिजिटल गोल्ड में जीरो रिस्क और 100 परसेंट लिक्विडिटी है
ये जो हमने बात की वो तो फिजिकल गोल्ड की थी। मगर अब हम डिजिटल गोल्ड की बात करते हैं तो फिर इसका चलन भी बेहद ही तेजी से बढ़ रहा हैं। नई पीढ़ी के जो लोग हैं। वे डिजिटल गोल्ड खरीदना बेहद पसंद कर रहे हैं। क्योंकि डिजिटल गोल्ड में जीरो रिस्क और 100 परसेंट लिक्विडिटी है यानी न कोई आपका डिजिटल गोल्ड को चुरा सकता हैं और आप जब भी चाहो आपके गोल्ड को बेच सकते हो और कैश ले सकते हो।
डिजिटल गोल्ड को घर बैठे आसानी से खरीद सकते हैं
त्यौहारों का सीजन देश में शुरू हैं। सोने की खरीददारी को लेकर लोगों का उत्साह देखने को मिल रहा हैं। देश में जहां फिजिकल गोल्ड की मांग तो हो ही रही हैं। दूसरी तरफ डिजिटल गोल्ड की चमक बरकरार हैं। डिजिटल गोल्ड घाटे का सौदा साबित नहीं हो सकता जैसा कि अभी तक का ट्रेंड बताता हैं। इसी को देखते हुए डिजिटल गोल्ड में निवेश की बात करें तो इसमें निवेश पहले से अधिक बढ़ा हैं। आप डिजिटल गोल्ड को घर पर बैठे ही सरलता से खरीद सकते हैं। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आप डिजिटल गोल्ड को खरीद सकते हैं। और बहुत ही अच्छा तरीका गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड इसका मतलब ईटीएफ से इसकी खरीदारी की जा सकती है।
डिजिटल गोल्ड में मेकिंग चार्ज नहीं देना पड़ता
इसी प्रकार बहुत प्रकार के गोल्ड लिंक्ड म्यूचुअल फंड भी हैं । जो इन्वेस्टर्स को बढ़िया कमाई देते हैं। बाजार के भीतर जैसे ही सोने का भाव बढ़ता हैं। वैसे ही गोल्ड लिंक्ड म्यूचुअल फंड का रिटर्न भी बढ़ जाता है। बहुत सारे ऑनलाइन प्लेटफार्म हैं। जिनकी सहायता से आप गोल्ड में निवेश कर सकते हैं और यह पर आप केवल सोने को खरीदने के लिए पैसे देते हैं कोई मेकिंग चार्जेस नहीं देते हैं।
इन्वेस्टमेंट कॉस्ट में बढ़ोतरी
वही दूसरी ओर यदि आप फिजिकल गोल्ड खरीदते हैं तो फिर आपको मेकिंग चार्ज देना होगा। यह पर इस मेकिंग चार्ज से बचने साधन नहीं हैं। यह तक की यदि आप गोल्ड कॉइन, या बिस्कुट खरीदते हैं, तो भी ज्वेलर आपसे मेकिंग चार्ज लेता है। कायदे से जो मेकिंग चार्ज होता हैं। वो गहने पर ही लगना चाहिए। यह आपके निवेश में एक तरह से बट्टा है। इसी कारण से लोग फिजिकल गोल्ड की अपेक्षा डिजिटल गोल्ड को पसंद कर रहें हैं। फिजिकल गोल्ड जो होता हैं। उसमें आप जितना काम कराना चाहते हैं। जितना डिजाइन को बढ़वाना चाहते हैं आपको उतना ही अधिक मेकिंग चार्ज देना पड़ता हैं। जिस वजह से इन्वेस्टमेंट कॉस्ट भी बढ़ता हैं।


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