देश की दिग्गज फूड डिलीवरी स्विगी के मालिक ने एक अनोखी कहानी शेयर की है. हाल ही में स्विगी ने अपना पहला आईपीओ इंट्रोड्यूस किया था. जिसके बाद से ही स्विगी शेयर बाजार के निवेशकों के बीच फेमस बन गया है. इसी बीच स्विगी से जुड़ी एक अनोखी कहानी सामने आ रही है.

ये अनोखी कहानी स्विगी के पहले ऑर्डर से संबंधित है. स्विगी आज लगभग 3 लाख रेस्टोरेंट के साथ जुड़ा हुआ है. लेकिन एक दिन ऐसा भी था, जब स्विगी को खाना पहुंचाने के लिए एक भी रेस्टोरेंट से ऑर्फर नहीं आया था. अब फटाफट इस कहानी के बारे में डिटेल में जानते हैं.
स्विगी को कैसे मिला पहला ऑर्डर?
स्विगी के सह-संस्थापक और सीईओ श्रीहर्ष मजेटी ने कंपनी को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया की एक दिन ऐसा भी रहा, जब स्विगी के पास एक भी ऑर्डर नहीं आया था. दरअसल स्विगी को 6 अगस्त 2024 को लॉन्च किया गया था.
लॉन्च वाले दिन स्विगी को कहीं से भी ऑर्डर डिलीवर करने के लिए ऑफर नहीं किया गया था. इसके साथ ही उन्होंने बताया की कैसे उनके स्टॉफ कोरमंगला के 5वें ब्लॉक में ज्योति निवास कॉलेज पर पैपलेट बांटा करते थे. जिसकी वजह से उन्हें पहला ऑर्डर ट्रफल्स रेस्टोरेंट से मिला था.
स्विगी की शुरुआत पहले दो ऑर्डर से हुई थी. लेकिन आज उन्हें हर दिन 7261 ऑर्डर आते हैं. उन्होंने आगे कहां ये आज दर्शाता है कि हम कितने आगे हैं. ये भी कहा जाता है स्विगी को पहला ऑर्डर कोरमंगला के करामा रेस्टोरेंट से मिला था.
ऐसे हुई स्विगी की शुरुआत
श्रीहर्ष और राहुल ने बिट्स पिलानी से पढ़ाई की थी. राहुल की होटेल में नौकरी भी लग गई. लेकिन उन्हें ये काम ज्यादा पंसद नहीं आया. जिसके बाद राहुल अपने दोस्त श्रीहर्ष के साथ भारत आए. यहां इन्होंने लॉजिस्टिक का बिजनेस शुरू किया. जिसके बाद उनके तीसरे दोस्त नंदन ने जवॉइन किया. जिसके बाद उन्होंने फूड डिलीवरी ऐप की शुरुआत करने के बारे में सोचा. इस तरह से स्विगी की शुरुआत हुई.


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