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बिना प्रूफ के आप कितना Gold अपने पास रख सकते हैं, जरूर जानिए ये नियम

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नई दिल्ली, सितंबर 29। भारत में सोने के आभूषण बहुत सामान्य हैं। सोने के बिना भारत में शादी की खरीदारी अधूरी होती है। भारत में सोने से भावनात्मक मूल्य (इमोश्नल वैल्यू) जुड़ी हुई है। गोल्डन मेटल धन और सफलता को दर्शाते हैं। भारतीय महिलाओं को सोने के आभूषण बहुत पसंद होते हैं और उनके पास कभी भी पर्याप्त सोना नहीं हो सकता, क्योंकि उनकी चाहत बहुत अधिक होती है। कई लोगों के लिए कैपिटल बढ़ाने के लिए सोना एक लोकप्रिय निवेश विकल्प भी है। सोने का सबसे अच्छा पहलू यह है कि फाइनेंशियल इमरजेंसी की स्थिति में इसे बेचना आसान है। पर बिना प्रूफ आप कितना सोना अपने साथ रख सकते हैं? जानते हैं इस सवाल का जवाब।

 

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सोने की सीमा के बारे में नियम

सोने की सीमा के बारे में नियम

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अनुसार 01 दिसंबर 2016 की प्रेस रिलीज के मुताबिक आप जितना चाहे सोना या सोने के आभूषण रख सकते हैं। मगर यहां एक शर्त है। शर्त यह है कि इसे विरासत या आय के स्पष्ट स्रोतों से प्राप्त किया गया हो।

विवाहित महिला के पास 500 ग्राम सोना

विवाहित महिला के पास 500 ग्राम सोना

सीबीडीटी के अनुसार, एक विवाहित महिला के पास 500 ग्राम सोने के आभूषण हो सकते हैं, एक अविवाहित महिला के पास 250 ग्राम तक और परिवार के एक पुरुष सदस्य के पास 100 ग्राम सोने के गहने और आभूषण हो सकते हैं।

सोना जब्त नहीं किया जाएगा
 

सोना जब्त नहीं किया जाएगा

सीबीडीटी ने स्पष्ट किया है कि जितनी अनुमति है उस तक सोने को रखने पर आप पर कोई असर नहीं पड़ेगा। निर्धारित वजन के तहत आने वाला सोना जब्त नहीं किया जाएगा, यहां तक कि चाहे धारक की संपत्ति की तलाशी ही क्यों न ली जाए।

प्रूफ होने जरूरी

प्रूफ होने जरूरी

हालांकि, टैक्स इंवेस्टिगेशन की स्थिति में, सोने के ऑरिजिन का खुलासा किया जाना चाहिए। नतीजतन, सोने की खरीद के लिए रसीदों को हमेशा संभाल कर रखने की सलाह दी जाती है। यदि आपको सोना विरासत में मिला है तो आप उसका मूल चालान, उपहार या सेटल इंस्ट्रुमेंट, या वसीयत या वसीयतनामा की एक प्रति प्रस्तुत कर सकते हैं।

बिना बिल के न खरीदे जेवर
अगर आप सोने या चांदी के जेवर खरीद रहे हैं, तो सुनार से उसका पक्का बिल जरूर लें। ज्वेलर की तरफ से दिए जाने वाले इस बिल में आपके खरीदे गए सोने या चांदी के जेवर की शुद्धता के अलावा उसका रेट और वजन का विवरण होता है। इसलिए अगर आपके पास अपनी ज्वेलरी का बिल है तो सोना या चांदी बेचते समय उसका सही भाव बिना किसी मोलभाव के मिल जाएगा। अगर आपके पास इन जेवरों का बिल नहीं होगा तो सुनार आपसे मनमाने भाव पर सोना खरीदने की कोशिश करेगा। इससे आपको नुकसान होगा।

गोल्ड हॉलमार्क का नियम

गोल्ड हॉलमार्क का नियम

देश में केवल हॉलमार्क वाले जेवर बिक पाएंगे। क्योंकि देश में सोने की ज्वेलरी के लिए गोल्ड हॉलमार्किंग का नियम लागू हो चुका है। जेवर बनाने में 22 कैरेट गोल्ड का ही इस्तेमाल होता और यह सोना 91.6 फीसदी शुद्ध होता है। लेकिन असर इसमें मिलावट कर 89 या 90 फीसदी शुद्ध सोने को ही 22 कैरेट गोल्ड बताकर जेवर को बेच दिया जाता है। इसीलिए जब भी जेवर खरीदें तो उसकी हॉलमार्क के बारे में जानकारी जरूर ले लें। अगर गोल्ड की हॉलमार्क 375 है तो यह गोल्ड 37.5 फीसदी शुद्ध सोना है। वहीं अगर हॉलमार्क 585 है तो यह सोना 58.5 फीसदी शुद्ध है। 750 हॉलमार्क होने पर यह सोना 75.0 फीसदी खरा है। 916 हॉलमार्क होने पर सोना 91.6 फीसदी खरा है। 990 हॉलमार्क होने पर सोना 99.0 फीसदी खरा होता है। अगर हॉलमार्क 999 है तो सोना 99.9 फीसदी खरा है।

English summary

How much gold without proof you can keep with you definitely know these rules

But how much gold can you carry with you without proof? Know the answer to this question.
Story first published: Thursday, September 29, 2022, 18:46 [IST]
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