
Yogi government selling houses and flats cheaply in UP: यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार सस्त में मकान और फ्लैट बेचने जा रही है। इस मौके का फायदा 15 नवंबर तक उठया जा सकता है।
दरअसल उत्तर प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के पास बड़ी संख्या में बिना बिके फ्लैट उपलब्ध हैं। इनके न बिक पाने के चलते यह रियायत देने की स्कीम लाई गई है। इन फ्लैट को खरीदने पर खरीदार को सीधे सीधे 15 फीसदी की छूट दी जाएगी। लेकिन इस छूट का फायदा लेने वालों को फ्लैट की पूरी कीमत 60 दिन के अंदर चुकानी होगी।
उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हाउसिंग बोर्ड काम करता है। इनमें लखनऊ, कानपुर, मेरठ सहित गाजियाबाद शामिल हैं। इन सभी हाउसिंग बोर्ड में कुल मिलाकर करीब 8,000 फ्लैट खाती पड़े हैं।
इसके चलते इन फ्लैट के खरीदारों को छूट देने का फैसला किया गया है। हाउसिंग बोर्ड के अतिरिक्त आवास आयुक्त और सचिव नीरज शुक्ला के अनुसार हाउसिंग बोर्ड ने इन फ्लैट के खरीदारों को 15 प्रतिशत छूट देगा। इनके अनुसार यह रियायत 15 नवंबर 2023 तक उपलब्ध रहेगी।
हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार ज्यादा कीमत के चलते बोर्ड के फ्लैट नहीं बिक पा रहे हैं। लखनऊ में हाउसिंग बोर्ड की अवध विहार और वृंदावन योजनाओं में करीब 1742 फ्लैट खाली हैं।
सबसे ज्यादा फ्लैट गाजियाबाद में खाली पड़े हैं। यहां पर 4407 फ्लैट बिक सकते हैं। वहीं मेरठ में करीब 1910 फ्लैट खाली पड़े हैं। कानपुर और मुरादाबाद में क्रमश 241 और 103 फ्लैट खाली हैं।

इसके अलावा लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) भी अपने कई फ्लैट नहीं बेच पा रहा है। एलडीए के करीब 4000 फ्लैट नही बिक पाए हैं। एलडीए अधिकारियों के अनुसार, विकास प्राधिकरण के फ्लैट निजी डेवलपर्स की तुलना में करीब 20 फीसदी महंगे हैं। एलडीए 3800 रुपये से 5500 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से फ्लैट बेच रहा है, जबकि निजी डेवलपर्स सस्ती दरों पर फ्लैटों की पेशकश कर रहे हैं और वह भी बेहतर स्थिति में।
यही कारण है कि एलडीए सहित हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट नहीं बिक पा रहे हैं। इसी के चलते फैसला लिया गया है कि अब इन फ्लैट को सस्ती दरों पर बेचा जाएगा।


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