नई दिल्ली, जुलाई 27। कभी कभी किस्मत भी गजब का खेल खेलती है। लोगों को सड़क पर ले आती है तो कभी किसी को सड़क से उठा कर महल में पहुंचा देती है। केरल के मंजेश्वर में एक ऐसा ही वाकया सामने आया है। वहां एक परिवार का घर बिकने वाला था, मगर उनकी किस्मत चमक गयी और उनके पास 1 करोड़ रु का इंतजाम हो गया। आगे जानते हैं इस परिवार की कहानी।
क्या है पूरा मामला
केरल के एक 50 वर्षीय व्यक्ति कर्ज चुकाने के लिए अपना घर बेचने वाले थे। मगर प्रस्तावित बिक्री से दो घंटे पहले उन्होंने 1 करोड़ रुपये की लॉटरी जीत ली। ये कहानी है मोहम्मद बावा की, जो एक चित्रकार हैं। बीते सोमवार को अपने 2,000 वर्ग फुट के घर की बिक्री के लिए टोकन एडवांस लेने ही वाले थे। मगर उससे पहले उन्होंने जैकपॉट जीत लिया। उनका मकान आठ महीने पहले बना था।
किराये के मकान में शिफ्ट होने का प्लान
बावा कहते हैं कि वे और उनका परिवार अपनी स्कूल में पढ़ने वाली बेटियों के साथ अपनी एकमात्र संपत्ति बेचने के बाद किराए के घर में जाने वाले थे। वे ये फैसला कर चुके थे। बावा और उनकी पत्नी एनी के पांच बच्चे हैं। इनमें चार बेटियां और एक बेटा शामिल है। दो बड़ी बेटियों की शादी हो चुकी है। असल में बेटियों की शादी और अपना बनाने के बाद, बावा कर्ज के जाल में फंस गये थे।
50 लाख रुपये का कर्ज
मातृभूमि की रिपोर्ट के अनुसार, उन पर बैंकों और रिश्तेदारों का 50 लाख रुपये बकाया था। असल में उन्होंने अपने बेटे निजामुदीन को कतर भेजने के लिए पैसे भी उधार लिए थे। बावा होसंगडी में एक एजेंसी से लॉटरी टिकट खरीदते रहे। वे इस उम्मीद से टिकट खरीद रहे थे कि वे जैकपॉट जीत जाएंगे और आखिर मे यही हुआ। मगर उनके बुरे समय में उनका कोई दोस्त या सहयोगी उनके पास नहीं आया।
40 लाख रु में बिकता मकान
कोझीकोड निवासी अपने सपनों के घर को 40 लाख रुपये में बेचने को तैयार थे। फिर वे किराए के घर में रहने वाले थे। मगर उन्होंने जैकपॉट जीत लिया। बावा को पता चला कि उन्होंने जैकपॉट जीता है तो उनकी खुशी का कोई ठिकान नहीं रहा। टैक्स के बाद उन्हें करीब 63 लाख रुपये मिलेंगे। शाम 5 बजे, रियल एस्टेट ब्रोकर उनका घर खरीदने के लिए पार्टी के साथ उनके घर पर आये, लेकिन बावा ने घर बेचने से मना कर दिया।
कैसा रहा था वो दिन
बीते रविवार दोपहर करीब 1 बजे बावा और उनका परिवार अपने घर के खरीदार का इंतजार कर रहा था। तभी बावा घर से बाहर निकले। उन्होंने केरल सरकार की फिफ्टी-फिफ्टी लॉटरी के चार टिकट खरीदे। वे पिछले चार महीनों से लॉटरी खरीद रहे थे, इस उम्मीद के साथ कि किस्मत उनके दुख को खत्म कर देगी। फिर दोपहर 3 बजे लॉट निकाला गया और बावा को पता चला कि उसने जैकपॉट जीते हैं। पिछले चार महीनों से बावा का परिवार बहुत तनाव में था। वे अपने कर्ज नहीं चुका सकते थे क्योंकि उनकी इनकम बहुत कम है। मगर अब उनकी किस्मत बदल गयी है।


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