Honda Nissan Merger: ऑटो सेक्टर से जुड़ी बड़ी खबर आ गई है। दो दिग्गज जापानी वाहन निर्माता निसान और होंडा के जॉइन्ट वेंचर का ऐलान कर दिया है। बिक्री के हिसाब से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी बनाने के लिए आधिकारिक बातचीत की है। दोनों कंपनियों ने जानकारी दी है कि उन्होंने सोमवार 23 दिसंबर को एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। निसान के छोटे गठबंधन के सदस्य मित्सुबिशी मोटर्स ने भी अपने बिजनेस को इंटीग्रेट करने के लिए बातचीत में शामिल होने पर सहमति जताई है। आइए इसके बारे में आपको जानकारी देते हैं।

निसान के सीईओ ने दी ये जानकारी
निसान के सीईओ माकोतो उचिदा ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि अगर यह मर्जर सफल होता है, तो हम अपने कस्टमर को बेहतर प्रोडक्ट कम कीमत दे पाएंगे। जापान में ऑटो कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपने बड़े प्रतिद्वंद्वियों से पीछे रह गए हैं और अब वे लागत में कटौती करने और नुकसान की भरपाई करने की कोशिश कर रहे हैं।'
इस महीने की शुरुआत में संभावित विलय की खबरें सामने आईं थीं। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि निकट सहयोग पर बातचीत बहुत हद तक ताइवान के आईफोन विनिर्माता फॉक्सकॉन की निसान के साथ अलायंस करने की आकांक्षाओं से प्रेरित थी। निसान का फ्रांस की रेनो एसए और मित्सुबिशी के साथ मर्जर है।
8 मिलियन गाड़ियों की उम्मीद
इकॉनोमिक टाइम्स के अनुसार, इस विलय का लक्ष्य 30 ट्रिलियन येन की संयुक्त वार्षिक बिक्री और 3 ट्रिलियन येन से अधिक का परिचालन लाभ प्राप्त करना है। कंपनियों के अनुसार, वे जून 2025 तक चर्चाओं को अंतिम रूप देने की योजना बना रहे हैं, और होल्डिंग कंपनी के अगस्त 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है। होंडा, निसान और मित्सुबिशी मिलकर सालाना लगभग 8 मिलियन वाहन बनाएंगे, जिससे वे टोयोटा मोटर कॉर्प और वोक्सवैगन एजी जैसी वैश्विक दिग्गज कंपनियों के लिए एक मजबूत प्रतिस्पर्धी के रूप में स्थापित हो जाएंगे।


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