नयी दिल्ली। होम लोन लेने वालों एक बहुत बड़ी खुशखबरी आई है। आरबीआई ने शुक्रवार को रेपो रेट में 40 बेसिट पॉइंट्स की कटौती की। आरबीआई की ये घोषणा सिक्योर इनकम के साथ होम लोन लेने वालों के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि इस कैटेगरी में ब्याज दरें 40 बेसिस पॉइंट्स गिर कर 7 फीसदी पर आ जाएंगी, जो पिछले 15 वर्षों में सबसे निचला स्तर है। इसके अलावा कोरोनावायरस के कारण लगाए गए लॉकडाउन की वजह से इनकम की अनिश्चितता का सामना कर रहे उधारकर्ता अपनी वित्तीय हालत स्थिर करने के लिए तीन महीने की अतिरिक्त मोहलत का लाभ उठा सकते हैं। आरबीआई की तरफ से लोन ईएमआई चुकाने पर तीन और महीनों की मोहलत दी गई है। जिन कर्जदारों ने अभी तक मोहलत का फायदा नहीं लिया है मगर अब इनकम के मामले में दबाव का सामना कर रहे हैं, वे अब भी तीन महीने का अतिरिक्त समय हासिल कर सकते हैं।
कितनी हो जाएगी होम लोन रेट
आरबीआई की घोषणा के बाद देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के मौजूदा उधारकर्ताओं के लिए 30 लाख रु तक के होम लोन पर ब्याज दर मौजूदा 7.4 फीसदी से घट कर 7 फीसदी रह जाएगी। वहीं 30 से 65 लाख रु तक के लोन पर होम लोन रेट 7.65 फीसदी से कम होकर 7.25 फीसदी होगी। इसके अलावा 75 लाख रु से अधिक के लोन पर ब्याज दर अब 7.75 फीसदी से घट कर 7.35 फीसदी रह जाएगी। वहीं महिलाओं को इन दरों में 5 बेसिस पॉइंट्स और कम ब्याज चुकाना होगा। अक्टूबर 2019 से, जब होम लोन की दरों को रेपो रेट से जोड़ा गया था, ब्याज में 1.4 प्रतिशत की कमी आई है। 30 लाख रुपये के लोन पर ईएमआई अब अक्टूबर 2019 में 22,855 रुपये से घटकर 19,959 रुपये हो गई है। यानी लोन लोन लेने वालों पर 2,896 रुपये कम बोझ पड़ेगा।
इन्हें नहीं मिलेगा लाभ
हालांकि इस रेट कटौती का फायदा सभी को नहीं मिलेगा। दरअसल वे बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां जिन्होंने अपने होम लोन की दरों को रेपो रेट से नहीं जोड़ा है, वे अपने होम लोन रेट में कटौती नहीं कर सकेंगी। हालांकि कॉम्पिटीशन को देखते हुए एचडीएफसी ने पहले ही अपनी दरों को 7.50 फीसदी तक कम कर दिया है। ग्राहकों को कम ब्याज दर का फायदा पहुंचाने के लिए आरबीआई ने बैंकों को ब्याज दरों को ईबीआर (एक्सटर्नल बेंचमार्क रेट) से जोड़ने को कहा था। अधिकांश बैंकों ने रेपो रेट को अपनी ईबीआर के रूप में चुना है।
कुछ बैंकों ने महंगा किया था लोन
8 मई को एसबीआई जैसे कुछ बैंकों ने रेपो रेट के मुकाबले 7.05 फीसदी की बेंचमार्क रेट के मार्जिन के ऊपर नए उधारकर्ताओं के लिए होम लोन की दरों में 20 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर दी थी। एसबीआई ने कहा था कि महामारी के कारण उधारकर्ताओं का कर्ज जोखिम बढ़ गया है और इसलिए बैंक ने 20 बेसिस पॉाइंट्स तक जोखिम प्रीमियम बढ़ा दिया है।


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