नई दिल्ली, अगस्त 25। सभी बैंक अपने ग्राहकों को वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए ब्याज और मूलधन सहित ग्राहक के लोन का सारांश देने के साथ-साथ होम लोन प्रोविजनल प्रमाणपत्र देते हैं। होम लोन पर लोगों को कुछ टैक्स लाभ मिलता है। होम लोन के ईएमआई के भुगतान पर, ग्राहक मूलधन के भुगतान के लिए धारा 80सी (आयकर अधिनियम) के तहत कर लाभ के हकदार होते हैं।
प्रोविजनल प्रमाणपत्र है जरूरी
एक अनंतिम प्रमाणपत्र (प्रोविजनल सर्टीफिकेट) ग्राहकों को उनके मौजूदा होम लोन पर मूलधन और ब्याज भुगतान के बारे में जानने में मदद करता है। आइए जानते हैं कि होम लोन प्रोविजनल सर्टिफिकेट और इंटरेस्ट सर्टिफिकेट कैसे इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने और टैक्स बेनिफिट पाने में लोगों की मदद कर सकते हैं।
क्यो जरूरी होता है प्रमाणपत्र
उधारकर्ता को सामान्य तौर पर कर बचत होने की अनुमान की आवश्यकता होती है। इसके अनुसार ही कर्मचारी एक वित्तीय वर्ष के दौरान योजना बनाता है। इसलिए, यदि किसी कर्मचारी ने होम लोन लिया है और धारा 80सी, धारा 24, धारा 80ईईए, आदि के तहत कर कटौती में लाभ पाना चाहता है, तो उसे ब्याज आयकर रिटर्न में दर और मूलधन चुकौती के लिए अनुमान का विवरण प्रदान करना होगा। इसलिए, बैंक उधारकर्ताओं को एक गृह ऋण अनंतिम प्रमाणपत्र मुहैया कराते हैं, जिसमें वर्ष के दौरान अनुमानित ब्याज और मूल भुगतान, वर्तमान बकाया ऋण और वित्तीय वर्ष के अंत में अनुमानित बकाया ऋण जैसे सभी डिटेल होते हैं। उधारकर्ता कर्मचारी को गृह ऋण अनंतिम प्रमाण पत्र प्रदान कर सकता है ताकि वे तदनुसार टीडीएस निर्धारित कर सकें।
गृह ऋण ब्याज प्रमाणपत्र कैसे प्राप्त करें
आप ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से, ईमेल भेजकर या कस्टमर केयर से बताचित करके, या फिर अपनी स्थानीय बैंक शाखा में एक आवेदन जमा करके होम लोन ब्याज प्रमाणपत्र जारी करने का अनुरोध कर सकते हैं। यदि आपने संयुक्त रूप से गृह ऋण लिया है, तो आपको संपत्ति के स्वामित्व और ऋण के प्रतिशत के अनुसार विवरण के विभाजन के साथ बैंक से गृह ऋण अनंतिम प्रमाण पत्र जेनेरटे कराना होगा।


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