Holi 2025: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ये 5 खुशखबरी! टैक्स छूट समेत 8वें वेतन की मिलेगी सौगात, बस एक है रिस्क

Holi 2025: होली के करीब आते ही भारतीय अर्थव्यवस्था भी त्योहारों में रंग भर रही है. महंगाई में कमी, EMI में संभावित कटौती और सरकार की ओर से टैक्स में छूट के साथ हवा में सिर्फ त्योहारी उत्साह ही नहीं है. इसके साथ ही गुलाल और मिठाइयों के अलावा आर्थिक मजबूती की भी सौगात आने वाली है.

महंगाई से मिली राहत

भारत की रिटेल महंगाई फरवरी में 7 महीने के निचले स्तर 3.61% पर आ गई है, जो जनवरी में 4.31% थी. इसकी सबसे बड़ी वजह खाद्य महंगाई है. फरवरी में खाद्य महंगाई दर 5.97% से गिरकर 3.75% हो गई, जबकि अनाज और डेयरी जैसी जरूर आइटम की कीमतों में गिरावट देखी गई.

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सस्ती EMI की संभावना

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने घर खरीदने वालों को खुश होने का मौका दिया है, क्योंकि EMI में बीते मॉनेटरी पॉलिसी में कटौती की गई. इसके तहत RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो दर को 25 बेसिस पॉइंट्स से घटाकर 6.25% कर दिया है, जो पिछले 5 सालों में पहली बार दरों में कटौती है. इस कदम से लेंडर्स फ्लोटिंग होम लोन पर दरें कम कर सकते हैं, जिससे ग्राहकों को राहत मिलेगी.

SBI रिसर्च इकोरैप रिपोर्ट बताती है कि इस फाइनेंशियल ईयर में कुल मिलाकर 75 बेसिस पॉइंट्स की दर कटौती हो सकती है. अप्रैल और जून 2025 में भी और कटौती की उम्मीद है, उसके बाद अक्टूबर में एक और संभावित कटौती हो सकती है.

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मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी

भारत का इंडस्ट्रियल सेक्टर होली की एनर्जी और उत्साह जैसी ग्रोथ का अनुभव कर रहा है. जनवरी में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन ग्रोथ रेट बढ़कर 5% हो गई. 23 मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज में से कम से कम 19 ने निगेटिव ग्रोथ दर्ज की, जो दिसंबर के 16 इंडस्ट्री के मुकाबले में बेहतर है.

ज्यादा सरकारी खर्च ने पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स (8.5% सालाना ग्रोथ), कैपिटल आइटम (7.8% सालाना बढ़त) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं (7.2% सालाना बढ़त) जैसे इंडस्ट्रीज को बढ़ावा दिया.

बजट में टैक्स से मिली राहत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2025-26 में अहम टैक्स राहत का ऐलान किया, जिसमें न्यू टैक्स रिजीम के तहत 12 लाख रुपए तक की इनकम टैक्स फ्री हो गई है. ऊंची महंगाई और धीमी सैलरी ग्रोथ के कारण महीनों तक सतर्क खर्च के बाद इस कदम से खपत को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

सरकार का अनुमान है कि इन टैक्स कटौतियों से लगभग 2.5-3 करोड़ टैक्सपेयर्स को फायदा होगा, जिससे उन्हें सालाना लगभग 1 लाख रुपए की बचत होगी. ज्यादा सेविंग का मतलब है कंज्युमर्स और बिजनेस की खर्च करने की क्षमता में बढ़त.

जनवरी 2026 में 8वां वेतन लागू होगा

जनवरी 2026 में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत भारत एक महत्वपूर्ण वेतन संशोधन की तैयारी कर रहा है, जिससे खर्च और बचत की एक नई लहर उभर सकती है. इस बदलाव से लगभग 3.1 करोड़ लोग प्रभावित होंगे, जिसमें 1.8 करोड़ सरकारी कर्मचारी और 1.3 करोड़ पेंशनभोगी शामिल हैं. इससे अर्थव्यवस्था में अनुमानतः 50 बिलियन डॉलर का इजाफा होगा.

आगामी ग्रोथ 15-20% के बीच होने का अनुमान है, जो पिछले सायकल की बढ़त से कम है, लेकिन फिर भी खर्च पैटर्न को पॉजिटिव रूप से प्रभावित करने के लिए पर्याप्त है.

टैरिफ का खतरा मंडरा रहा है

इन पॉजिटिव इवेंट्स के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकियां भारत के निर्यात के लिए चुनौती बन गई हैं. ट्रंप ने भारत के हाई टैरिफ की आलोचना करते हुए कहा कि इससे अमेरिकी वस्तुओं का भारत में प्रवेश "लगभग असंभव" हो गया है, जबकि उन्होंने 2 अप्रैल के लिए रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा की.

अगर रेसिप्रोकल टैरिफ लागू किया जाता है, तो इन टैरिफों से भारत को हर साल 7 बिलियन डॉलर तक का नुकसान हो सकता है, क्योंकि ज्वैलरी और फार्मास्यूटिकल्स जैसे कमजोर सेक्टर अन्य व्यापारिक साझेदारों की तुलना में इसकी टैरिफ संरचना अधिक है.क परिदृश्य की तस्वीर बनने की संभावना है!

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