नयी दिल्ली। सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान एलआईसी का सरप्लस 53,214.41 करोड़ रुपये रहा। ऐसा पहली बार हुआ है जब एलआईसी का सरप्लस किसी वित्त वर्ष में 50000 करोड़ रुपये से अधिक रहा हो। एलआईसी का सरप्लस 2017-18 के मुकाबले 9.9 फीसदी अधिक रहा। आफकी जानकारी के लिए बता दें कि 2018-19 में एलआईसी ने सरकार को 2,610.74 करोड़ रुपये का लाभांश भी अदा किया। वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट के जरिये यह भी बताया है कि पॉलिसियों की संख्या में एलआईसी की बाजार हिस्सेदारी 76.28 फीसदी है। वहीं पहले साल के प्रीमियम के मामले में एलआईसी की बाजार हिस्सेदारी 71 फीसदी है। एलआईसी ने एक बयान में खुद बताया है कि यह कंपनी के इतिहास में पहली बार है जब इसका सरप्लस 50000 करोड़ रुपये से अधिक रहा।

एलआईसी ने सौंपा चेक
एलआईसी की तरफ से सरकार को लाभांश का चेक भी सौंपा है। एलआईसी के अध्यक्ष एम आर कुमार ने वित्त सचिव राजीव कुमार और विशेष सचिव देबाशीष पांडा की मौजूदगी में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को चेक सौंपा। मंत्रालय ने जानकारी दी है कि एलआईसी के अध्यक्ष एम आर कुमार ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 2018-19 के सरप्लस में सरकारी हिस्से के रूप में 2,610.74 करोड़ रुपये का चेक दिया है।
63 साल पहले हुई थी एलआईसी की स्थापना
जानकारी के लिए बता दें कि एलआईसी की स्थापना 63 साल पहले की गयी थी। अब कंपनी 31.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का प्रबंधन संभालती है। 2018-19 में कंपनी को 1,42,191.69 करोड़ की प्रथम वर्ष की प्रीमियम आय हुई थी, जो अब तक किसी वर्ष में सबसे अधिक है। वहीं इसकी वार्षिक आय 5.61 लाख करोड़ रुपये की रही थी। 2018-19 में कंपनी ने 2.59 करोड़ क्लेम के लिए 1.63 लाख करोड़ रुपये अदा किये।
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