Hindenburg vs Adani Group: अदानी ग्रुप को लेकर हिंडेनबर्ग रिसर्च की क्रोनोलॉजी समझिए, कब क्या-क्या हुआ?

Hindenburg vs Adani Group: अदानी-हिंडनबर्ग मामले में नए आरोप सामने आए हैं. अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने दावा किया है कि मार्केट रेगुलेटर SEBI की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने अदानी ग्रुप से जुड़े एक ऑफशोर फंड में निवेश किया है. रिपोर्ट में अदानी के मॉरीशस और ऑफशोर शेल फर्म के कथित नेटवर्क की जांच में स्पष्ट रूप से उदासीन रहने के लिए SEBI की आलोचना की गई है.

हिंडनबर्ग और अदानी ग्रुप के बीच कब क्या हुआ?

अदानी और हिंडेनबर्ग के बीच इस घटनाचक्र की टाइमलाइन बहुत लंबी है. हिंडनबर्ग रिसर्च ने 24 जनवरी, 2023 को अदानी ग्रुप पर धोखाधड़ी और स्टॉक वैल्यू में हेरफेर का आरोप लगाया. इसके ठीक 3 दिन बाद, 27 जनवरी, 2023 को अदानी ग्रुप ने हिंडनबर्ग रिसर्च के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार किया. 31 जनवरी, 2023 तक अदानी एंटरप्राइजेज के फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) को पूरी तरह से सब्सक्राइब कर लिया गया था.

1 फरवरी, 2023 को शेयर की कीमतों में भारी गिरावट के बाद अदानी एंटरप्राइजेज ने अपना FPO रद्द कर दिया. फिर 6 फरवरी, 2023 को सुप्रीम कोर्ट में हिंडनबर्ग की रिपोर्ट की जांच की मांग करते हुए याचिका दायर की गई. इसके बाद 2 मार्च, 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने अदानी ग्रुप के शेयरों में आई गिरावट की जांच के लिए एक समिति के गठन का आदेश दिया.

मार्केट रेगुलेटर SEBI ने की अदानी ग्रुप मामले की जांच

एक्सपर्ट पैनल ने 8 मई, 2023 को एक रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया कि अदानी की कंपनियों में हेरफेर का कोई सबूत नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने SEBI को 17 मई, 2023 को अपने निष्कर्ष प्रस्तुत करने के लिए 14 अगस्त तक का समय दिया. 25 अगस्त तक, सेबी ने एक हलफनामे के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट को अपनी प्रगति के बारे में जानकारी दी.

24 नवंबर को सेबी ने बताया कि वह अपनी जांच पूरी करने के लिए विस्तार की मांग नहीं करेगा. इसके कुछ ही समय बाद 4 दिसंबर को एक हफ्ते के भीतर अदानी की नेटवर्थ में 10 बिलियन डॉलर की ग्रोथ हुई. अगले दिन 5 दिसंबर को अमेरिकी सरकार के DFC ने निष्कर्ष निकाला कि हिंडनबर्ग के आरोप अदानी पोर्ट्स पर लागू नहीं होते.

Hindenburg vs Adani Group

अदानी ग्रुप ने नुकसान की भरपाई की

इस साल जनवरी की शुरुआत में (3 जनवरी) सुप्रीम कोर्ट ने सेबी को अपनी जांच पूरी करने के लिए 3 महीने का समय दिया और मामले को CBI को सौंपने से इनकार कर दिया. जून 2024 तक अदानी ग्रुप के शेयरों ने हिंडनबर्ग रिसर्च से हुए नुकसान की भरपाई कर ली थी.

2 जुलाई को सेबी ने हिंडनबर्ग पर भारतीय नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और पहली बार कोटक महिंद्रा बैंक का नाम लिया. सुप्रीम कोर्ट ने 15 जुलाई को अपने जनवरी के फैसले की समीक्षा की मांग वाली याचिका खारिज कर दी.

हिंडेनबर्ग रिसर्च ने जारी किए नए रिपोर्ट्स

हिंडेनबर्ग रिसर्च ने 10 अगस्त को एक और खुलासा किया और बाद में उसी दिन आरोप लगाया कि सेबी के चेयरपर्सन के पास अडानी मनी साइफनिंग घोटाले में शामिल ऑफशोर फर्म में हिस्सेदारी थी. इन नए दावों ने अदानी समूह के इर्द-गिर्द पहले से ही विवादास्पद स्थिति को और बढ़ा दिया है. साथ ही सेबी और अन्य विनियामक प्राधिकरणों के जारी जांच से इस प्रकरण में नए विवरण सामने आ रहे हैं.

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+