दुनियाभर के बड़े देशों की इकोनॉमी को लेकर हर दिन हम खबरें पढ़ते रहते हैं. विकसित देश हो या फिर विकासशील देश....अमेरिका, चीन से लेकर भारत तक, सभी की आर्थिक ग्रोथ और GDP साइज पर चर्चा होती है. लेकिन क्या आपको भी पता है कि इन देशों पर कितना कर्ज है? अगर नहीं, तो जान लीजिए...इस पर वर्ल्ड ऑफ़ स्टैटिस्टिक्स ने एक रिपोर्ट पेश किया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट पर जानकारी दी है. इसके तहते कर्जदारों की लिस्ट में सबसे ऊपर अमेरिका का नाम है. फिर चीन और 7वें पायदान पर भारत का स्थान है.
सबसे ज्यादा कर्ज अमेरिका पर
वर्ल्ड ऑफ़ स्टैटिस्टिक्स की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक 2023 में सबसे ज़्यादा विदेशी कर्ज वाले देशों में भारत सातवें स्थान पर है. इस लिस्ट में अमेरिका सबसे ऊपर है. US पर 33,229 बिलियन डॉलर का भारी कर्ज है. रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका के बाद चीन दूसरे पायदान पर है, जोकि 14,692 बिलियन डॉलर का कर्ज है. जापान 10,797 बिलियन डॉलर के कर्ज के साथ तीसरे स्थान पर है.

भारत कर्ज के मामले में 7वें पायदान पर
यूनाइटेड किंगडम 3,469 बिलियन डॉलर के कर्ज के साथ चौथे स्थान पर है. फ्रांस भी 3,354 बिलियन डॉलर के कर्ज के साथ इस सूची में 5वें स्थान पर है. फ्रांस के बाद इटली का स्थान है, जिस पर 3,141 बिलियन डॉलर का कर्ज है. फिर 7वें पायदान पर भारत मौजूद है, जिस पर 3,057 बिलियन डॉलर का कर्ज है. जर्मनी का कर्ज 2,919 बिलियन डॉलर है. कनाडा पर 2,253 बिलियन डॉलर है. ब्राजील इस लिस्ट में 10वें पायदान पर है, जिस पर 1,873 बिलियन डॉलर का कर्ज है.
द्वीप और अफ्रीकी देशों पर न्यूनतम कर्ज
लक्ज़मबर्ग और बेल्जियम जैसे छोटे देश भी अपने बैंकिंग सेक्टर की महत्वपूर्ण विदेशी ऋण देनदारियों की वजह से इस लिस्ट में शामिल हैं. इन देशों में सामाजिक व्यवस्थाएँ हैं जो अपने नागरिकों पर भारी खर्च करती हैं। इसके उलट कई छोटे द्वीप और अफ्रीकी देशों पर न्यूनतम विदेशी कर्ज है. इन्वेस्टोपेडिया के मुताबिक विदेशी कर्ज का मतलब सरकारों या निजी संस्थाओं के विदेशी उधारदाताओं से उधार लिया गया धन है. हाल के दशकों में यह उधारी बढ़ी है.


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