नई दिल्ली, फरवरी 25। देश में वर्ष 2016 में नोटबंदी की गई थी। उस दौरान 500 रुपये और 1000 रुपये के प्रचलित नोटों को बंद कर दिया गया था। बाद में इनकी जगह पर 500 रुपये और 2000 रुपये के नोट जारी किए गए थे। उन दिनों लोगों को मौका दिया गया था कि वह अपने पुराने नोट बदल लें। बाद में जारी हुए आंकड़ों के अनुसार करीब 99 फीसदी पुराने नोटों को लोगों ने बदल लिया था। हालांकि हजारों करोड़ रुपये के नोट नहीं बदले गए थे। ऐसे ही एक मामले में आज हाईकोर्ट ने पुराने नोट बदलने का आदेश दिया है। आइये जानते हैं कि यह पूरा मामला क्या है।
महाराष्ट्र का है मामला
दरअसल महाराष्ट्र की हाईकोर्ट ने रिजर्व बैंक को एक व्यक्ति के पुराने नोट बदलने का आदेश दिया है। यह किस्सा काफी रोचक है। इस मामले में कुल मिलाकर 1.6 लाख रुपये के पुराने नोट शामिल हैं। कोर्ट ने इतने पुराने नोट बदल कर नए देने का आदेश आरबीआई को दिया है।
ये है पूरा मामला
महाराष्ट्र के एक नागरिक किशोर सोहनी का है। किसी विवाद में मार्च 2016 में कल्याण कोर्ट मजिस्ट्रेट के आदेश पर इन्होंने अपने 1.6 लाख रुपये लोकल पुलिस स्टेशन में जमा कराए थे। इसी दौरान नोटबंदी लागू हो गई। नोटबंदी के दौरान इन्होंने कोर्ट में आवेदन कर अपने नोट रिलीज करने और उनको बदलवा कर फिर जमा करने का आवेदन दिया था।
जानिए फिर क्या हुआ
किशोर सोहनी के इस आवेदन पर मजिस्ट्रेट इस बात के लिए राजी नहीं हुए। वहीं देखते देखत नए नोट लेने की तारीख भी निकल गई। इसके बाद किशोर सोहनी को 20 मार्च 2017 को नोट बदलने की मंजूरी दी गई। लेकिन अब तारीख निकल चुकी थी। ऐसे में इन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। जानिए हाईकोर्ट ने क्या कहा है।
ये है हाईकोर्ट का आदेश
उनकी शिकायत पर मुम्बई बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को आरबीआई को निर्देश दिया है कि वह किशोर सोहनी के 1.6 लाख रुपये के नोट बदले। उनके पास यह नोट 500 रुपये और 1000 रुपये के हैं। अब हाईकोर्ट ने कहा है कि यह पुराने नोट बदले जाएं और इनको फिर से थाने में जमा करा दिया जाए। यह फैसला आज का ही है, इसलिए यह कहना कठिन है कि आगे क्या होगा। लेकिन अभी सरकार या आरबीआई की तरफ से उच्च कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जा सकता है।


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