आईआरडीएआई ने बीमा उत्पादों से जुड़ी ग्राहकों की समस्याओं को हल करने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
नई दिल्ली: आईआरडीएआई ने बीमा उत्पादों से जुड़ी ग्राहकों की समस्याओं को हल करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को बीमा नियामक इरडा ने स्टैंडर्ड इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस के लिए दिशानिर्देश जारी किया। इसके तहत साधारण और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों से बुनियादी स्वास्थ्य जरूरतों के लिए अधिकतम 5 लाख रुपए और न्यूनतम 1 लाख रुपए वाला प्रोडक्ट अनिवार्य तौर पर ऑफर करने के लिए कहा गया है। सभी कंपनियों के लिए इस उत्पाद का एक साझा नाम होगा- आरोग्य संजीवनी पॉलिसी। इस मूल नाम के अंत में कंपनी अपना नाम भी लगाएगी। इस उत्पाद के लिए किसी भी दस्तावेज में किसी भी अन्य नाम का इस्तेमाल नहीं होगा। जानकारी दें कि कंपनियां 1 अप्रैल 2020 से यह उत्पाद पेश कर सकेंगी।

एक साल की होगी पॉलिसी
मालूम हो कि नियामक का कहना है कि स्वास्थ्य बीमा बाजार में कई पॉलिसी हैं। इसमें सबकी अलग-अलग खासियतें हैं। इसके कारण इनमें से चुनाव करना कठिन होता है। इसलिए साधारण और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों को एक मानक पॉलिसी लाने का निर्देश देने का फैसला किया गया। मानक उत्पाद में कुछ निश्चत कवर शामिल होंगे। इसमें किसी एड-ऑन्स या ऑप्शनल कवर को अनुमति नहीं दी जाएगी।
ये चीजें होंगे कवर
- सबसे पहले आपको बता दें कि इस पॉलिसी में क्या-क्या कवर होंगे। उनकी भी सूची दिशानिर्देश में है।
- इनमें अस्पताल में भर्ती का खर्च, कम सीमा के साथ मोतियाबिंद जैसे अन्य खर्च, दांतों का इलाज, बीमारी या दुर्घटना के कारण जरूरी होने वाली पलास्टिक सर्जरी, सभी प्रकार के डेकेयर इलाज, एंबुलेंस खर्च (प्रति हॉस्पिटलाइजेशन अधिकतम 2,000 रुपए) शामिल हैं।
- आयुष के तहत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती के खर्च, अस्पताल में भर्ती होने से 30 दिन पहले तक का खर्च और अस्पताल से छुट्टी देने के बाद 60 दिनों तक के खर्च को भी कवर किया जाएगा।
- इरडा की माने तो प्रत्येक क्लेम फ्री पॉलिसी वर्ष के लिए सम इंश्योर्ड (बोनस को छोड़कर) को 5 फीसदी बढ़ाया जाएगा। इसके साथ शर्तें होंगी। बिना ब्रेक के पॉलिसी का नवीनीकरण होगा।
- इस उत्पाद में किसी प्रकार के डिडक्टीबल्स की अनुमति नहीं है। योजना को फैमिली फ्लोटर आधार पर भी पेश किया जाएगा। इसे गंभीर बीमारी कवर या लाभ आधारित कवर के साथ जोड़ा नहीं जाएगा।
- इरडा ने पॉलिसी लेने के लिए न्यूनतम 18 साल और अधिकतम 65 साल की सीमा तय की है।
- पॉलिसी का पूरे जीवन नवीनीकरण हो सकेगा। इस पॉलिसी पर पोर्टेबिलिटी से जुड़े नियम लागू होंगे।
- इसका प्रीमियम अखिलभारतीय स्तर पर तय होगा। कुछ शर्तों के साथ बिना किसी मंजूरी के इस पॉलिसी को लांच किया जा सकेगा।


Click it and Unblock the Notifications