नयी दिल्ली। देश के प्रमुख प्राइवेट बैंक एचडीएफसी बैंक ने लॉकडाउन के बीच अपने ग्राहकों के लिए दो खास तोहफे पेश किये हैं। इनमें पहला है एक विशेष नई सर्विस, जिसके तहत बैंक आपका कैश आपके दरवाजे तक पहुंचाएगा। एचडीएफसी बैंक ने बुधवार को लॉकडाउन के दौरान ग्राहकों की सहायता करने और नकदी निकालने के लिए अपने घर से बाहर जाने की आवश्यकता को खत्म करने के लिए मोबाइल एटीएम की तैनाती की है। यहां मोबाइल एटीएम का मतलब है एक वैन, जिसमें एटीएम लगा होगा और आप उससे कैश निकाल सकेंगे। लॉकडाउन के बीच घर से बाहर जाने और वायरस से सुरक्षित रखने के लिए बैंक ने यह खास पहल शुरू की है, जिससे बैंक के ग्राहकों काफी राहत मिलेगी।
फिलहाल मुम्बई, नोएडा में मिलेगी सुविधा
एचडीएफसी बैंक की यह नई सर्विस फिलहाल बतौर पायलट प्रोजेक्ट मुम्बई और नोएडा में शुरू की गई है, जिसे बैंक जल्द ही पूरे देश में शुरू करेगा। बैंक के अनुसार संबंधित शहरों में स्थानीय नगरपालिका अधिकारियों के परामर्श से उन जगहों की पहचान की जा रही है जहां ये मोबाइल वैन तैनात की जाएंगी। हर खास अवधि के लिए मोबाइल एटीएम प्रत्येक स्थान पर खुले रहेंगे। इस अवधि के दौरान मोबाइल एटीएम एक दिन में 10 से 5 बजे के बीच 3-5 स्टॉप को कवर करेंगे। यानी एक वैन एक इलाके में 3 से 5 जगहों पर अपनी सेवा देगी।
सोशल डिस्टेंसिंग का रखा जाएगा ध्यान
सुविधा के साथ ही एचडीएफसी बैंक ने सुरक्षा का भी इंतेजाम किया है। बैंक ने एक बयान में कहा है कि इन मोबाइल एटीएम में कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एटीएम की लाइन में सोशल डिस्टेंसिंग और स्वच्छता के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं। बैंक के एक अधिकारी के अनुसार इस कठिन समय के दौरान, हम हर किसी की मदद करने के लिए अपनी भागीदारी निभाना चाहते हैं। हमारी मोबाइल एटीएम सुविधाएं हमारे ग्राहकों और आम जनता को आसान नकद निकासी और अन्य सुविधाओं तक पहुंचने में मदद करेंगी।
लोन भी किया सस्ता
नयी एटीएम सुविधा के साथ ही एचडीएफसी बैंक ने ग्राहकों को दूसरा तोहफा लोन सस्ता करके दिया है। एचडीएफसी बैंक ने अपनी लोन ब्याज दर में 0.20 प्रतिशत की कटौती की है। बैंक ने अपनी एमसीएलआर सभी अवधियों के लिए कम की है। इसकी ओवरनाइट एमसीएलआर अब 7.60 फीसदी, एक साल की एमसीएलआर 7.95 फीसदी और तीन साल के लिए 8.15 फीसदी होगी। बैंक की कम हुई लोन ब्याज दरें 7 अप्रैल से प्रभाव में आ चुकी हैं। इससे बैंक के लोन ग्राहकों की ईएमआई कम होगी।
क्या होती है एमसीएलआर
एमसीएलआर यानी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट के तहत बैंक अपने फंड की लागत के हिसाब से लोन की दरें तय करते हैं। ये बेंचमार्क दर होती है। इसके बढ़ने से बैंक से लिया गया लोन महंगे हो जाता है। वहीं एमसीएलआर घटने पर लोन की ईएमआई कम हो जाती है। एमसीएलआर सिस्टम 1 अप्रैल 2016 से एमसीएलआर लागू हुआ। एमसीएलआर को कर्ज के लिए न्यूनतम दर माना जाता है।
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