नयी दिल्ली। मार्केट कैप के मामले में देश के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक ने मार्च 2020 को समाप्त तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। वित्त वर्ष 2018-19 की जनवरी-मार्च तिमाही के मुकाबले वित्त वर्ष 2019-20 की जनवरी-मार्च तिमाही में बैंक के मुनाफे में 17.72 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। एचडीएफसी बैंक ने कोरोना संकट के बीच जनवरी-मार्च में 6,927.69 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। हालांकि बैंक का मुनाफा जानकारों के अनुमान से कम रहा। जानकरों ने बैंक के लिए 7228.9 करोड़ रुपये के मुनाफे का अंदाजा लगाया था। एचडीएफसी बैंक के इतने तगड़े मुनाफे के पीछे कई कारण हैं, जिनमें उच्च अदर इनकम, ऑपरेटिंग इनकम, बेहतर शुद्ध ब्याज आमदनी और कम टैक्स लागत शामिल हैं। हालांकि लोन के लिए तेजी से बढ़े प्रोविजन से इसके मुनाफे में बढ़त सीमित रही।

शुद्ध ब्याज आमदनी अनुमान से अधिक रही
जानकारों ने एचडीएफसी बैंक की शु्द्ध ब्याज आमदनी 14,972.7 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था। मगर इसकी ये इनकम साल दर साल आधार पर 16.15 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ जानकारों के अनुमानों से अधिक 15,204.06 करोड़ रुपये की रही। ब्याज इनकम में से ब्याज खर्च को घटाने पर शुद्ध ब्याज इनकम का पता चलता है। बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन 4.3 फीसदी रहा। मार्च समाप्ति पर बैंक के एडवांस 993000 करोड़ रुपये के रहे, जो मार्च 2019 के मुकाबले 21.2 फीसदी अधिक हैं। एक साल पहले इसके एडवांस 819400 करोड़ रुपये के थे।
एनपीए में आई गिरावट
मुनाफे और ब्याज आमदनी में बढ़त के अलावा अच्छी खबर है बैंक के एनपीए (दबावग्रस्त संपत्तियां) घटना। बैंक का ग्रॉस एनपीए रेशियो 16 बेसिस पॉइंट घट कर 1.26 फीसदी और शुद्ध एनपीए रेशियो 12 बेसिस पॉइंट घट कर 0.36 फीसदी रह गया। मूल्य में देखें तो इसका ग्रॉस एनपीए 5.8 फीसदी की गिरावट के साथ 12,649.97 करोड़ रुपये और शुद्ध एनपीए 20.72 फीसदी की गिरावट के साथ 3,542.36 करोड़ रुपये पर आ गई। बैंक की गैर-ब्याज इनकम 23.84 फीसदी की जोरदार बढ़ोतरी के साथ 6,032.57 करोड़ रुपये रही। इसमें बड़ा योगदान फीस और कमीशन, निवेश की बिक्री / पुनर्मूल्यांकन और रिकवरी तथा डिविडेंड का रहा।


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