नयी दिल्ली। देश की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज जनवरी के आखिरी दिनों से ही से कोरोनावायरस संकट पर नजर रखे हुए है। इसीलिए इसने अपने कर्मचारियों और ग्राहकों पर इस प्रभाव को कम करने के लिए काफी पहले ही बिजनेस कंटीन्यूटी प्लान एंड रिस्ट मैनेजमेंट फ्रेमवर्क को लागू कर दिया था। कोरोना संकट से बनी स्थिति और दुनिया भर में इसका तेजी से फैलना एक दम अभूतपूर्व है और बहुत ज्यादा तेज है। एचसीएल टेक जिन देशों में कारोबार करती है वहां कोरोना का आर्थिक प्रभाव भी दिखाई दे रहा है।

एचसीएल के पास शानदार नीति
एचसीएल के पास एक शानदार महामारी पॉलिसी है, जो कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के साथ-साथ ग्राहकों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए व्यावहारिक और जरूरी है। कंपनी अपने क्लाइंट्स को सर्विसेज देना जारी रखे हुए है। एचसीएल टेक अपने क्लाइंट्स को सेवाएं जारी रखने के लिए सभी उपाय भी कर रही है। अभी तक कंपनी ऐसा करने में सफल भी रही है, जिसके लिए इसे अपने क्लाइंट्स की तरफ से प्रशंसा भी मिली है। साथ ही ये मौजूदा स्थिति की लगातार समीक्षा कर रही है और पूरी तरह से सभी सरकारी सलाहों का अनुपालन भी कर रही है।
बिजनेस पर पड़ने वाला प्रभाव
कंपनी के 76 फीसदी भारतीय कर्मचारी और 92 फीसदी अन्य जगहों के कर्मचारी घरों से काम कर रहे हैं। भारत के बाहर कुछ सीमित कर्मचारी इसके ऑफिसों से भी काम कर रहे हैं। मगर इस तिमाही के वित्तीय आंकड़ों पर प्रभाव पड़ेगा या नहीं इसका मूल्यांकन नहीं किया गया है। मगर कंपनी ने इनके बहुत बेहतर रहने की उम्मीद नहीं जताई है। इसके होम डिलीवरी से काम के इस नए फॉर्मेट से संचालन में कोई कमी या बड़ी अड़चन नहीं आई है। कंपनी का कारोबार तेल-गैस, ट्रेवल और हॉस्पिटेलिटी और हाई-एंड रिटेल में एकल अंक यानी सभी में 10-10 फीसदी से कम है।


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