नयी दिल्ली। क्या आपने वित्तीय वर्ष 2019-20 (आकलन वर्ष 2020-21) के लिए अपना आयकर रिटर्न (आईटीआर) भर दिया है? अगर नहीं तो आपके आईटीआर दाखिल करने के लिए 31 दिसंबर तक का समय है। आयकर विभाग ने हाल ही में आईटीआर दाखिल करने की ड्यू डेट (नियत तारीख) को बढ़ा दिया था। ये फैसला कोरोनोवायरस संकट के मद्देनजर लिया गया था। यानी अब व्यक्तिगत करदाताओं के पास अब 1 अप्रैल 2019 और 31 मार्च 2020 के बीच कमाई गई अपनी इनकम पर रिटर्न फाइल करने के लिए 30 नवंबर के बजाय 31 दिसंबर तक का समय है। आम तौर पर सभी करदाताओं, जिनके खातों को ऑडिट करने की आवश्यकता नहीं होती, के लिए आईटीआर दाखिल करने की नियत तारीख 31 जुलाई होती है।
इन तारीखों का रखें ध्यान
वे करदाता जिनके खातों को ऑडिट की जरूरत होती है उनके लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि को 31 जनवरी तक के लिए बढ़ा दिया गया है। अधिनियम के तहत विभिन्न ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने की नियत तारीख, जिसमें टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय / निर्दिष्ट (Specified) घरेलू लेनदेन के संबंध में रिपोर्ट शामिल है, को 31 जनवरी 2021 तक बढ़ा दिया गया है। छोटे करदाता या वे करदाता जिनकी टैक्स लायबिलिटी 1 लाख रु तक है, उनके लिए आईटीआर दाखिल करने की नियत तारीख 31 जनवरी 2021 है।
जून में बढ़ाई गई थी अंतिम तिथि
इस साल कोरोना के चलते आईटीआर फाइल करने की अंतिम डेट कई बार बढ़ाई गई है। जून में छोटे और मध्यम वर्ग के करदाताओं को राहत देने के लिए 1 लाख रु तक की देनदारियों के मामलों में स्व-मूल्यांकन करों के भुगतान की नियत तारीखें बढ़ा दी गई थीं। ऑडिट के साथ या इसके बगैर वाले मामलों के लिए तब नियत तारीख 30 नवंबर तय की गई थी।
क्या होता है आकलन वर्ष
अक्सर आईटीआर दाखिल करने वाले आकलन और वित्त वर्ष में कंफ्यूज हो जाते हैं। वित्त वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च के बीच की अवधि को कहते हैं, जिस साल में आप इनकम हासिल करते हैं। आकलन वर्ष (एवाई) वह साल होता है जो वित्त वर्ष के बाद आता है। यह वो समय होता है जिसमें वित्त वर्ष के दौरान कमाई गई इनकम का आकलन और टैक्स लगाया जाता है। आकलन वर्ष भी 1 अप्रैल से शुरू होकर 31 मार्च को समाप्त होता है। बता दें कि वित्त वर्ष 2019-20 और आकलन वर्ष 2020-21 एक और समान हैं।


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