नई दिल्ली, सितंबर 15। क्या आप जानते हैं कि भारत में एक जगह ऐसी है, जहां जमीन से हीरे निकलते हैं। वहां लोग हीरे खोजते हैं। ये है मध्य प्रदेश का पन्ना जिला। यहां हर साल कई लोगों को हीरे मिलते हैं और उनकी किस्मत बदल जाती है। अब एक नयी घटना में एक दशक से अधिक समय तक रत्नों की तलाश के बाद चार मजदूरों को मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में ही एक खदान से कम से कम 40 लाख रु कीमत का 8.22 कैरेट का हीरा मिला है।
हीरे की होगी नीलामी
रिपोर्ट में बताया गया है कि रतनलाल प्रजापति और उनके साथ 3 अन्य लोगों को हीरा मिला है। उन्हें ये हीरा जिले के हीरापुर तपरिया क्षेत्र में पट्टे पर दी गई जमीन से मिला है। इस महीने के अंत में अन्य रत्नों के साथ इस हीरे की नीलामी की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक कच्चे हीरों की नीलामी से होने वाली आय सरकारी रॉयल्टी और टैक्स की कटौती के बाद उस व्यक्ति या लोगों को दे दी जाती है, जिन्हें हीरा मिला हो।
21 सितंबर से शुरू होगी नीलामी
अधिकारियों ने यह भी कहा कि मजदूरों को मिले इस कीमती पत्थर और 139 अन्य हीरों की नीलामी 21 सितंबर से शुरू होगी। स्थानीय विशेषज्ञों का कहना है कि मजदूरों को जो हीरा मिला है, उसकी कीमत 40 लाख रुपये तक हो सकती है। हीरा खोजने वाले मजदूरों में से एक रघुवीर प्रजापति ने कहा कि उन्होंने हीरे खोजने की अपनी तलाश में पिछले 15 सालों में कई खदानों में खुदाई की।
लीज पर ली जमीन
प्रजापति के मुताबिक उन्होंने पिछले 15 वर्षों से विभिन्न क्षेत्रों में छोटी खदानें लीज यानी पट्टे या किराये पर लीं लेकिन कोई हीरा नहीं मिला। इस साल वे पिछले छह महीनों से हीरापुर तपरिया में पट्टे की जमीन पर खनन कर रहे थे और 8.22 कैरेट वजन वाले हीरे को देखकर उन्हें काफी सुखद आश्चर्य हुआ। रघुवीर प्रजापति ने कहा कि वह और उनके साथी हीरे की नीलामी से प्राप्त धन का उपयोग अपने बच्चों को बेहतर जीवन और शिक्षा प्रदान करने के लिए करेंगे।
हीरों से भरा है पन्ना
बताया जाता है कि पन्ना जिला, जो राज्य की राजधानी भोपाल से 380 किमी से अधिक दूर है, में कुल 12 लाख कैरेट के हीरे होने का अनुमान है। पन्ना भारतीय राज्य मध्य प्रदेश में पन्ना जिले का एक शहर और एक नगर पालिका है। यह अपनी हीरे की खानों के लिए प्रसिद्ध है। यह पन्ना जिले का प्रशासनिक केंद्र है। खोजे गए हीरों को पन्ना के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा कलेक्ट किया जाता है और जनवरी के महीने में नीलाम किया जाता है। नीलामी जनता के लिए खुली होती है और इसके लिए 5000 रु जमा करने होते हैं। विभिन्न कैरेट और शेड के 100 से अधिक हीरे नीलामी के लिए हर साल पेश किए जाते हैं।
किसान को मिला छठी बार हीरा
पिछले महीने एक किसान को यहीं से 2 साल में छठी बार हीरा मिला था। इस बार उसे हाई क्वालिटी वाला 6.47 कैरेट का हीरे मिला। इस 6.47 कैरेट के हीरे को आगामी नीलामी में बिक्री के लिए रखा जाएगा और कीमत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार तय की जाएगी।


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