Gujarat Startup MSME Sector: भारत में हर राज्य अपने यहां व्यवसाय खोलने में आगे रहते हैं। लेकिन भारत में एक ऐसा राज्य है जो कारोबारी क्षेत्र के लिए बहुत अहम माना जाता है, जी हां हम बात कर रहे हैं गुजरात की ये एक ऐसा राज्य है जो देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपने व्यवसाय के लिए जाना जाता है।

गुजरात सरकार ने अपने प्रदेश में औद्योगिक यूनिट और कई सारी योजनाएं चला रखी हैं, जिससे यहां पर रहने वाले लोगों को फायदा मिल रहा है। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट जैसे बड़े शो के माध्यम से कई बड़े बिजनेस ने यहां पर इन्वेस्ट किया है। वहीं इनके साथ ही पिछले कुछ समय से गुजरात में MSME सेक्टर बढ़ता दिख रहा है, यहां पर लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों में भी काफी इजाफा आया है। हालांकि, इस समय देश के अंदर गुजरात MSME के सेक्टर में देश में 5वें स्थान पर है, और तो और स्टार्टअप सेक्टर में पहले पायदान पर है।
इतने प्रतिशत की तेजी
आपको बता दें, हाल में आई रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात में लगभग 21.82 लाख से अधिक MSME यूनिट्स पंजीकृत हैं, इसके साथ ही गुजरात इस सेक्टर में 5वे पायदान पर है। हालांकि, इस फेहरिस्त में महाराष्ट्र भी पीछे नहीं है, वहां पर 50.60 लाख MSME यूनिट्स पंजीकृत है, और ये पहले पायदान पर है। गुजरात पर अगर पिछले कुछ सालों में नजर डालें तो औद्योगिक यूनिट के रजिस्ट्रेशन में तेजी आई है जिसमें 25% से 30% की तेजी देखने को मिली है।
गुजरात की पंजीकृत MSME इकाइयां
गुजरात देश में औद्योगिक क्षेत्र के लिए काफी अहम मायने रखता है, कहा जाता है यहां पर हर जगह आपको कारोबारी मिल जाएंगे। इस समय गुजरात में MSME इकाइयों में भारी वृद्धि देखने को मिल रही है। हालांकि, भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक और कई दूसरे बैंक, वो MSME इकाइयों का रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए जरूरी कागजात मौजूद नहीं हैं।
लेकिन उनका भी पंजीकरण होना जरूरी है, वहीं उनका पंजीकरण एंटरप्राइज असिस्टेड प्रोग्राम के माध्यम से एमएसएमई के तहत पंजीकृत किया जाता है। प्रदेश की बाकी इकाइयों के साथ अगर इन्हे भी जोड़ा जाए तो इस समय इनकी संख्या लगभग 32.52 लाख से ज्यादा एमएसएमई इकाइयां पंजीकृत हैं।
ये है यहां की MSME पॉलिसी
गुजरात सरकार ने राज्य में कारोबारियों को हौसला देने के लिए एमएसएमई इकाइयों को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने औद्योगिक नीति और आत्मनिर्भरता योजना के जरिए नवंबर 2023-24 और 2024-25 तक गुजरात की 47 हजार से एमएसएमई इकाइयों फायदा उपलब्ध कराना है।
वहीं सरकार कारोबारियों के लिए हर संभव मदद करने के लिए तत्पर रहती है और इनको वित्तीय सहायता के लिए 2,089 करोड़ रुपए की अदायगी की है। गुजरात के अंदर 21.82 लाख से ज्यादा एमएसएमई इकाइयों 20.89 लाख से ज्यादा सूक्ष्म कारोबार, 84 हजार से ज्यादा लघु कारोबार और 8,700 से ज्यादा मध्यम कारोबार हैं।
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