नई दिल्ली, अगस्त 2। ट्रेनों पर सर्व किए जाने वाले फूड पर अब 5 प्रतिशत समान जीएसटी लगेगा। ये अपीलेट अथॉरिटी फॉर एडवांस रूलिंग्स ने कहा है। जीएसटी पर चल रहा विवाद समाप्त होगा। एएएआर कि तरफ से कहा गया कि चाहे रेलवे-लाइसेंस प्राप्त कैटरर द्वारा फूड सर्व किया जाए या फिर बगैर लाइसेंस वाले कैटर मील सर्व करें, सभी पर 5 प्रतिशत जीएसटी दर लागू होंगी। इसके साथ ही ट्रेनों में समाचार पत्रों की सप्लाई पर गुड्स और सर्विस टैक्स नहीं लगेगा।
वस्तुओं के हिसाब से जीएसटी की दर लागू
जीएसटी की अगल-अलग वस्तुओं पर उनकी लागू दरों के हिसाब से चार्ज किया जाएगा। एएएआर का फैसला अथॉरिटी फॉर एडवांस रूलिंग्स द्वारा बनाए रखने के बाद आया है साथ ही ट्रेन और प्लेटफार्म पर सर्विस के हिसाब से जीएसटी लगाई जाएगी। एएआर ने कहा कि एक मेनू पर फूड एंड ड्रिंक प्रोडक्ट की सप्लाई के मामले में और आईआरसीटीसी की ओर से आईआरसीटीसी व यात्रियों को टैरिफ के रूप में राजधानी और दुरंतो एक्सप्रेस ट्रेनों में क्लासिफाइड किया जाता है।
व्यक्तिगत वस्तुओं पर लागू दरों के हिसाब से लगेगा जीएसटी
साथ ही एएआर की तरफ से कहा गया कि यात्रियों को सीधे मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में भोजन और पेय पदार्थों की सप्लाई में सर्विस का एक तत्व शामिल नहीं है, इसे गुड्स की शुद्ध आपूर्ति के रूप में माना जाएगा और जीएसटी लगाया जाएगा। व्यक्तिगत वस्तुओं पर उन पर लागू दरों के हिसाब से जीएसटी लगाया जाएगा।
दीपक एंड कंपनी ने अपील दायर की
एएआर के फैसले के खिलाफ दीपक एंड कंपनी (अपीलकर्ता) ने अपील दायर की, क्योंकि उन्होंने राजधानी ट्रेनों के साथ-साथ मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रियों को खाने की पूर्ति के लिए भारतीय रेलवे के साथ समझौता किया था। उनकी कंपनी ने रेलवे स्टेशनों पर फूड प्लाजा के जरिए भी भोजन की आपूर्ति की। अपीलकर्ता ने एएएआर बेंच के समक्ष रेल मंत्रालय के इशारे पर 31 मार्च 2018 को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) द्वारा किया गया स्पष्टीकरण पेश किया।


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