नयी दिल्ली। सरकार फिलहाल जीएसटी टैक्स रेट में कटौती करने पर विचार नहीं कर रही है। हालाँकि इस समय सरकार की योजना जीएसटी रेट बढ़ाने की भी नहीं है। यहा बात कही है बिहार के उप-मुख्यमंत्री और आईजीएसटी पर मंत्रियों के समूह के संयोजक सुशील कुमार मोदी ने। मोदी ने कहा कि जब तक जीएसटी रेवेन्यू कलेक्शन में स्थिरता नहीं आ जाती, तब तक जीएसटी दरों में बदलाव की कोई भी गुंजाइश नहीं है। सुशील मोदी ने जीएसटी दर में बढ़ोतरी की आशंका पर कहा कि मीडिया रिपोर्टों में दरों में वृद्धि की भविष्यवाणी करना गलत है। ये बात उन्होंने फिक्की के 92वें वार्षिक सम्मेलन "इंडिया : रोडमैप टू 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी" में कहीं। उन्होंने कहा कि मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि केंद्र सरकार सहित एक भी राज्य कर दरों को बढ़ाने के लिए तैयार नहीं है। याद रहे कि हाल ही में जीएसटी काउंसिल ने सभी तरह की लॉटरियों पर टैक्स रेट बढ़ाया है।

खपत बढ़ाने के लिए टैक्स रेट में कटौती नहीं
मोदी ने कहा कि एक ऐसे समय जब अर्थव्यवस्था मंदी की स्थिति में है, यदि आप टैक्स रेट में कटौती नहीं कर सकते हैं, तो उपभोग को बढ़ावा देने के लिए दरों में वृद्धि नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे समय पर आप ड्यूटीज और कर दरों में कटौती करते हैं, न कि उन्हें बढ़ाते हैं। बिहार के उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जीएसटी परिषद ने अपनी पिछली बैठक में तय किया कि साल में केवल एक बैठक में कर दरों में किसी भी तरह के बदलाव पर विचार किया जायेगा, न कि हर बैठक में।
सरकार ने दिया राज्यों को जीएसटी मुआवजा
बीते सोमवार को केंद्र सरकार ने अगस्त और सितंबर के लिए जीएसटी मुआवजे के रूप में राज्यों को 35,298 करोड़ रुपये जारी किये। राज्य सरकारें आमदनी की हल्की रफ्तार के चलते आ रही वित्तीय समस्याओं की वजह से जीएसटी मुआवजा दिये जाने की मांग कर रही थीं। आपको बता दें कि पहले भी जीएसटी दरों में बढ़ोतरी की खबरें आयी थी, मगर केंद्रीय वित्तीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन अटकलों को खारिज कर दिया था।
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