गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) काउंसिल की आगामी 14 मार्च की बैठक में मोबाइल फोन पर जीएसटी की दर 12 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी की जा सकती है।
नई दिल्ली: गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) काउंसिल की आगामी 14 मार्च की बैठक में मोबाइल फोन पर जीएसटी की दर 12 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी की जा सकती है। जीएसटी परिषद की 14 मार्च को होने वाली बैठक में मोबाइल फोन, जूता-चप्पल और कपड़ा समेत पांच क्षेत्रों पर कर दरों को युक्ति संगत बनाया जा सकता है। साथ ही नए रिटर्न फाइल करने की व्यवस्था तथा ई-इनववॉयस के क्रियान्वयन को टाले जाने की संभावना है। मिली जानकारी के मुताबिक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में परिषद की बैठक में जीएसटी नेटवक पोर्टल पर परिचालन संबंधी खामियों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
राजस्व संग्रह बढ़ाने के बारे में भी हो सकती चर्चा
बता दें बैठक में इन्फोसिस से इसके समाधान की योजना की मांग की जा सकती है। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इन्फोसिस को 2015 में जीएसटीएन नेटवर्क के तकनीकी प्रबंधन का ठेका दिया गया था। इसके अलावा राजस्व संग्रह बढ़ाने के बारे में भी चर्चा होगी क्योंकि केंद्र ने राज्यों को यह साफ कर दिया है कि उसके पास राज्यों को जीएसटी के क्रियान्वयन के कारण राजस्व नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिये कोष नहीं है। परिषद जीएसर्ट ई-वे बिल प्रणाली के एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के फास्टैग व्यवस्था के अप्रैल से एकीकरण पर भी चर्चा करेगी। इससे वस्तुओं की आवाजाही तथा जीएसटी चोरी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा जीएसटी पंजीकृत करदाताओं के आधार के तहत सत्यापन की तैयारी पर भी चर्चा की जाएगी।
लॉटरी योजना पर भी चर्चा होने की संभावना
जीएसटी के तहत प्रस्तावित लॉटरी योजना पर भी चर्चा होने की संभावना है। इसे एक अप्रैल से लागू करने का प्रस्ताव है। एक अधिकारी ने पीटीआई भाषा से कहा, ''परिषद जीएसटी दर के युक्तिसंगत बनाने पर चर्चा करेगी। कुछ ऐसे मामले हैं जहां आयातित तैयार माल पर आयात शुल्क कम , जबकि कच्चे माल पर शुल्क (उल्टा शुल्क ढांचा) अधिक है। इससे इनपुट टैक्स क्रेडिट रिफंड दावा अधिक बनता है। फिलहाल सेल्यूलर मोबाइल फोन पर 12 प्रतिशत शुल्क है, जबकि इसके कुछ कच्चे माल पर जीएसटी 18 प्रतिशत है। जूते चप्पल के मामले में परिषद ने 1,000 रुपये मूल्य के उत्पाद पर पिछले साल जून में जीएसटी दर कम कर 5 प्रतिशत कर दिया था। वहीं इससे अधिक मूल्य के जूते-चप्पल पर जीएसटी 18 प्रतिशत है। हालांकि इस क्षेत्र में उपयोग होने वाले कच्चे माल पर जीएसटी दर 5 से 18 प्रतिशत है। वहीं परिधान क्षेत्र पर जीएसटी 5,12 और 18 प्रतिशत है।
वित्त मंत्रालय ने जीएसटीएन में गिनाईं कमियां
वित्त मंत्रालय ने आईटी कंपनी इंफोसिस द्वारा तैयार किए गए जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) में 17 असंतुष्टि के क्षेत्रों के बारे में कंपनी को बताया है। जिसमें जम्मू-कश्मीर के करदाताओं को भुगतान में होने वाली दिक्कतें, आधार सत्यापन और सर्वर का पैमाना बढ़ाने में अड़चन संबंधी समस्याएं शामिल हैं। मंत्रालय ने जीएसटीआर-3बी नहीं भरने वालों को ई-वे बिल निकालने की सुविधा बंद करने का सॉफ्टवेयर मुहैया कराने में देरी की बात भी उठाई है। इसके अलावा भी कंपनी के साथ कई अन सुलझे या देर से सुलझाए गए मुद्दों को उठाया गया है। इंफोसिस ने जीएसटीएन के तकनीकी प्रबंधन के लिए 2015 में ठेका हासिल किया था। मंत्रालय ने उसे कई तकनीकी परेशानियों के बारे में बताया है और उनमें से कुछ का समाधान करीब दो साल से नहीं हो सका है। इस बारे में वित्त मंत्रालय ने इंफोसिस से तत्काल समाधान करने के लिए कहा है। इस संबंध में प्रतिक्रिया के लिए इंफोसिस को भेजे गए ईमेल का कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया है।


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