नई दिल्ली। देश में बाइक और स्कूटरों पर काफी ज्यादा टैक्स लगाया जा रहा है। इस बात का अहसास अब सरकार को हो रहा है। दरअसल गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी जीएसटी के अंतर्गत बाइक और स्कूटरों पर 28 फीसदी की दर से टैक्स लिया जा रहा है। जीएसटी सिस्टम में यह टैक्स की सबसे ज्यादा की दर है। अब सरकार को इस बात को अहसास हो रहा है कि बाइक या स्कूटर कोई लग्जरी सामान नहीं बल्कि जरूरत की चीज है। यह बात खुद वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मानी है। वहीं 27 अगस्त 2020 को जीएसटी काउंसिल की मीटिंग भी होने जा रही है। ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि देश में बाइक और स्कूटर जल्द ही सस्ते हो सकते हैं।
आइये जानते हैं कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बारे में क्या कहा और कितनी तक सस्ती हो सकती है बाइक और स्कूटर।
10,000 रुपये तक सस्ते हो सकते हैं दोपहिया वाहन
बजाज ऑटो के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव बजाज के अनुसार अगर सरकार दो पहिया वाहनों पर जीएसटी की दर कम करती है तो बाइक की कीमत 8000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक सस्ती हो सकती है।
ये है वित्त मंत्री का बयान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बाइक और स्कूटर न तो विलासिता का सामान हैं और न ही यह अहितकर सामान की श्रेणी में हैं। इसलिए इन पर लगने वाले गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी जीएसटी दर में संशोधन होना चाहिए। वित्त मंत्री भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के साथ एक बैठक में थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुपहिया वाहन पर जीएसटी दर में संशोधन के मामले पर जीएसटी परिषद की बैठक में विचार किया जाएगा। जीएसटी काउंसिल की बैठक आगामी 27 अगस्त 2020 को होने जा रही है।
वित्त मंत्रालय ने भी जारी किया है बयान
सीआईआई के साथ वित्त मंत्री की बैठक के बाद वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता की ओर से भी इसे लेकर एक बयान जारी किया गया है। इस बयान में कहा गया है कि दुपहिया वाहनों पर वर्तमान में 28 फीसदी की दर से जीएसटी लगता है। इस बयान में कहा गया है कि दुपहिया वाहनों पर जीएसटी दर को कम करने के सवाल पर सीतारमण ने आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि यह सही मायनों में अच्छा सुझाव है, क्योंकि वाहन की यह श्रेणी न तो भोग विलासिता की श्रेणी में आती है और न ही यह अहितकर वस्तु की श्रेणी में आती है, इसलिये इसमें दर में संशोधन का मामला बनता है। इस मुद्दे को जीएसटी परिषद के समक्ष रखा जाएगा। वहीं पर सभी राज्यों के साथ बातचीत के बाद इस पर फैसला लिया जा सकेगा।
बाइक पर जानिए कितना घट सकती है जीएसटी
जीएसटी में सबसे ज्यादा की दर 28 फीसदी की है। इसके बाद 18 फीसदी टैक्स की दर है। ऐसे में अगर बाइक और स्कूटर पर जीएसटी की दर को घटाया जाता है तो इसमें न्यूनतम 10 फीसदी की कमी हो सकती है। ऐसे में बाइक और स्कूटर के दाम में भारी कमी हो सकती है। जानकारों को कहना है कि दाम में कमी से लोग स्कूटर और बाइक को ज्यादा से ज्यादा खरीद सकते हैं।
जानिए किसने की थी यह अपील
देश की सबसे प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने पिछले साल केन्द्र सरकार से दुपहिया वाहन श्रेणी में जीएसटी दर में चरणबद्ध तरीके से कमी का आग्रह किया था। उनका सुझाव था कि इसकी शुरुआत 150 सीसी की मोटरसाइकिल को जीएसटी के 28 फीसदी के स्लैब से हटाकर 18 फीसदी स्लैब में लाकर की जा सकती है।


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