
GST: केंद्र सरकार ने बुधवार रात को एक सर्कुलर के माध्यम से यह जानकारी दी कि 1 अगस्त 2023 से 5 करोड़ रु के वार्षिक टर्न ओवर वाली व्यापारिक संस्था या कंपनी के लिए ई - चालान आवश्यक होगा।
ई-चालान के लिए टर्नओवर की सीमा में चरणबद्ध कटौती के तहत सरकार की तरफ से यह सर्कुलर जारी किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगस्त 2022 के महीने में मंत्रालय के द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, यह लिमिट 10 करोड़ रु थी।
संशोधित नोटिफिकेशन में यह कहा गया है कि केंद्रीय माल और सेवा कर नियम, 2017 के नियम 48 के उप-नियम (4) के द्वारा दी गई शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए। सरकार परिषद की सिफारिशों पर निम्न और संशोधन करती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्व के जो नोटिफिकेशन है। इस नोटिफिकेशन में पहले पैराग्राफ में 1 अगस्त, 2023 से, 10 करोड़ रु के शब्द के जगह पर 5 करोड़ रु के शब्द के बदल दिया गया है।
इसका मतलब यह है कि सालाना टर्न ओवर को 10 करोड़ रु के कम कर दिया गया है और इस टर्न ओवर को 5 करोड़ रु कर दिया गया है। ई-चालान में जीएसटी रजिस्टर्ड बिजनेस शामिल है। जो अधिसूचित बिजनेस टू बिजनेस ट्रांजेक्शन के लिए ई चालान को जारी करते हैं।
बता दें कि सरकार के द्वारा वर्ष 2019 के बजट में चालान से संबंधित धोखाधड़ी को रोकने के लिए और चालान के रियल टाइम ट्रेकिंग के लिए इसको प्रस्तावित किया गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोरोना महामारी के वजह से इसके कार्यान्वयन में अधिक वक्त लगा और इसने सरकार को टर्न ओवर की सीमा को संशोधित करने के लिए प्रेरित किया।
जीएसटी में ई-चालान एक ऐसा सिस्टम है, जिसमें किसी भी सौदे की को सामान्य रसीद है इस रसीद को जीएसटीएन नेटवर्क के द्वारा इलेक्ट्रॉनिक के माध्यम से सत्यापित किया जाता है।


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