नई दिल्ली: जीएसटी काउंसिल ने 8 अक्टूबर 2026 को टैक्स सिस्टम में बड़े सुधारों को हरी झंडी दिखा दी है। काउंसिल ने अधिकारियों से गिरफ्तारी के अधिकार वापस लेने और केस दर्ज करने (प्रॉसिक्यूशन) की सीमा बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही सामान्य जुर्माना घटाकर ₹10,000 किया जाएगा। इन सुधारों के तहत छोटे कारोबारियों को तेजी से रिफंड देने और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाने का वादा भी शामिल है। हालांकि, ये फिलहाल सिफारिशें हैं और इन्हें लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी करने या कानून में जरूरी बदलाव करने की जरूरत होगी।
ज्यादातर नए नियमों को 1 अप्रैल 2027 से एक साथ लागू करने की योजना है। गिरफ्तारी का अधिकार खत्म करने और ₹5 करोड़ की सीमा तय करने के लिए केंद्रीय और राज्य जीएसटी कानूनों में संशोधन करना होगा। वहीं, छोटे मामलों के लिए नोटिस न भेजने और जल्दी रिफंड देने जैसे फैसले सर्कुलर व नोटिफिकेशन जारी होते ही प्रभाव में आ जाएंगे। इन बदलावों को सपोर्ट करने के लिए जीएसटी पोर्टल में भी चरणबद्ध तरीके से तकनीकी अपडेट किए जाएंगे।

जीएसटी काउंसिल: गिरफ्तारी के अधिकार होंगे वापस, केस दर्ज करने की लिमिट हुई ₹5 करोड़
टैक्स चेकिंग की प्रक्रिया को अब पहले से ज्यादा पारदर्शी बनाया जाएगा। हाइवे पर गाड़ियों को अचानक रोकने की प्रथा बंद होगी; केवल ठोस इनपुट और वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी के बाद ही गाड़ियां रोकी जा सकेंगी। राज्यों के बीच लॉजिस्टिक्स को आसान बनाने के लिए सिर्फ माल भेजने वाले या पाने वाले राज्य ही सामान जब्त कर सकेंगे। इसके अलावा, नियम 86A के तहत इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट ब्लॉक करने से पहले अधिकारियों को कारोबारी को सुनवाई का मौका देना होगा। ₹10,000 से कम के नोटिस जारी नहीं किए जाएंगे, और इस सीमा के तहत लंबित कई पुराने नोटिस भी वापस ले लिए जाएंगे।
| बदलाव | स्थिति / कब से लागू |
|---|---|
| सेक्शन 69 के तहत गिरफ्तारी का अधिकार | CGST/SGST कानून में संशोधन; लक्ष्य 1 अप्रैल 2027 |
| केस दर्ज करने की लिमिट ₹5 करोड़ | कानून में संशोधन; लक्ष्य 1 अप्रैल 2027 |
| सामान्य पेनल्टी घटाकर ₹10,000 | कानून बदलाव/नोटिफिकेशन; लक्ष्य 1 अप्रैल 2027 |
| नोटिस की न्यूनतम सीमा ₹10,000 | सर्कुलर; नोटिफिकेशन जारी होने पर |
| रिफंड: 10 दिन में पावती; 3 दिन में 90% रिफंड | नियम और सिस्टम; अप्रैल 2027 से पहले चरणबद्ध |
| ई-कॉमर्स के लिए आसान रजिस्ट्रेशन | नियम और पोर्टल बदलाव; 1 अप्रैल 2027 |
| ई-वे बिल जब्ती की सीमा | CGST एक्ट में संशोधन; 1 अप्रैल 2027 |
जीएसटी सुधार: टैक्सपेयर्स के लिए चेकलिस्ट और अप्रैल 2027 की तैयारी
छोटे और मध्यम कारोबारी (MSMEs) इन बदलावों के लिए अभी से अपनी तैयारी शुरू कर सकते हैं। आसान रजिस्ट्रेशन का फायदा उठाने के लिए केवाईसी और एड्रेस प्रूफ दुरुस्त रखें। नए टाइमलाइन के हिसाब से तेजी से रिफंड पाने के लिए GSTR-1, GSTR-3B और GSTR-2B का समय पर मिलान (Reconciliation) कर लें। कर्मचारियों के हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का फायदा उठाने के लिए वित्तीय योजना बनाएं, जो जल्द नोटिफाई होगी। वहीं, अगर B2C टर्नओवर ₹5 करोड़ तक है, तो 'एनुअल रिटर्न क्वार्टरली पेमेंट' (ARQP) स्कीम का आकलन जरूर करें।
बिजनेस प्लानिंग के लिहाज से आने वाले दिनों में दो बड़े घटनाक्रमों पर नजर रखना जरूरी है। अधिकारियों की एक विशेष समिति तीन महीने के भीतर सेक्शन 16(2)(c) के समाधान का सुझाव देगी, जिससे ईमानदार खरीदारों का अटका हुआ क्रेडिट अनब्लॉक हो सकेगा। इसके अलावा, इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत इनपुट सेवाओं पर रिफंड 1 नवंबर 2026 से शुरू हो रहा है। संसद और राज्य विधानसभाओं में इन संशोधनों के पास होने की प्रक्रिया पर नजर बनाए रखें, ताकि आप अपने कांट्रैक्ट, कैश-फ्लो और कॉम्प्लायंस कैलेंडर को समय पर एडजस्ट कर सकें।


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