नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) परिषद की आज बैठक होगी। इस बैठक में राजस्व बढ़ाने को लेकर विभिन्न उपायों पर विचार होगा। उम्मीद है कि जीएसटी कलेक्शन उम्मीद से कम रहने के चलते इसमें फेरबदल किया जा सकता है। जीएसटी कलेक्शन बढ़ाने के लिए जीएसटी दर और सेस को बढ़ाने पर फैसला लिया जा सकता है।
जीएसटी परिषद ने मांगे थे सुझाव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद ने जीएसटी और सेस की दरों की समीक्षा के बारे में जनता और कारोबारियों से सुझाव मांगे थे। जीएसटी परिषद ने राजस्व बढ़ाने के लिए वर्तमान में लागू किए जा रहे उपायों के अलावा अन्य उपायों को लेकर सुझाव देने को कहा था। वहीं पश्चिम बंगाल के वित्तमंत्री अमित मित्रा ने कहा है कि राज्यों को जीएसटी परिषद से पत्र प्राप्त हुआ है। इसमें उनसे राजस्व कलेक्शन बढ़ाने के बारे में सुझाव मांगे गए हैं।
राज्यों को राजस्व क्षतिपूति का 35,298 करोड़ रुपये जारी
वहीं दूसरी ओर सरकार ने राज्यों को राजस्व क्षतिपूर्ति भुगतान के रूप में सोमवार को 35,298 करोड़ रुपये जारी कर दिया। देश में जीएसटी व्यवस्था एक जुलाई 2017 को लागू हुई थी। जीएसटी लागू करते समय केन्द्र ने राज्यों को उनके राजस्व में आने वाली कमी की भरपाई करने का आश्वासन दिया था। इसी के बाद से यह पैसा राज्यों को जारी किया जा रहा है।
जीएसटी से जुड़े अभी तक के आंकड़े
-वर्ष 2017-18 में केवल 1 बार ही जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये के पार निकला
-वर्ष 2018-19 में केवल 4 बार ही जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये के पार निकला
-वर्ष 2019-20 के दौरान नवंबर तक केवल 4 बार ही 1 लाख करोड़ रुपये के पार निकला
2019-20 में महीने के हिसाब से जीएसटी कलेक्शन
-अप्रैल में 1,13,865 रुपये
-मई में 1,00,289 रुपये
-जून में 99,939 रुपये
-जुलाई में 1,02,000 रुपये
-अगस्त में 98,203 रुपये
-सितंबर में 91,916 रुपये
-अक्टूब में 95,380 रुपये
-नवंबर में 1,03,491 रुपये
2018-19 में महीने के हिसाब से जीएसटी कलेक्शन
-अप्रैल में 1,03,458 रुपये
मई में 94,016 रुपये
जून में 95,610 रुपये
जुलाई में 96,500 रुपये
अगस्त में 93,960 रुपये
सितंबर में 94,442 रुपये
अक्टूबर में 1,00,710 रुपये
नवंबर में 97,637 रुपये
दिसंबर में 94,700 रुपये
जनवरी में 1,02,000 रुपये
फरवरी में 97,247 रुपये
मार्च में 1,06,577 रुपये
वर्ष 2017-18 में महीने के हिसाब से जीएसटी कलेक्शन
जुलाई में 94,063 रुपये
अगस्त में 90,669 रुपये
सितंबर में 93,141 रुपये
अक्टूबर में 83,346 रुपये
नवंबर में 80,808 रुपये
दिसंबर में 86,703 रुपये
जनवरी में 86,318 रुपये
फरवरी में 85,174 रुपये
मार्च में 1,03,458 रुपये


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