सरकार के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई के मुकाबले सितंबर जीएसटी वसूली 86449 करोड़ रुपये से बढ़कर 95480 करोड़ रुपये हो गई है।
नई दिल्ली: सरकार के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई के मुकाबले सितंबर जीएसटी वसूली 86449 करोड़ रुपये से बढ़कर 95480 करोड़ रुपये हो गई है। वहीं, जुलाई में यह 87,422 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। इस तरह जुलाई की तुलना में सरकार को जीएसटी से 973 करोड़ रुपये कम आय अगस्त में हुई है। जीएसटी का संग्रह जून के 90,917 करोड़ रुपये रहा था।

सितंबर में बढ़ा जीएसटी क्लेक्शन
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, सीजीएसटी वसूली 15906 करोड़ रुपये से बढ़कर 17,741 करोड़ रुपये हो गई है। वहीं, एसजीएसटी 21064 करोड़ रुपये से बढ़कर 23131 करोड़ रुपये हो गई है। इसके अलावा जीएसटी सेस वसूली 7215 करोड़ रुपये से घटकर 7124 करोड़ रुपये पर आ गई है। इस वित्तीय वर्ष में सितंबर में सबसे ज्यादा जीएसटी कलेक्शन हुआ है। अप्रैल में जहां केवल 32,172 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था तो वहीं मई में 62,151 करोड़। जून में राजस्व में शानदार बढ़त देखने को मिली और यह 90,917 पर पहुंच गया, लेकिन जुलाई में यह 87,422 करोड़ और अगस्त में घटकर 86,449 पर आ गया।
जानिए क्यों आई जीएसटी राजस्व में कमी
वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने बताया कि जीडीपी राजस्व का यह अनुमान वित्त वर्ष 2020-21 में बेहतर जीडीपी ग्रोथ के आधार पर लगाया गया था। लेकिन, हाल ही में सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि पहली तिमाही में नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ रेट 22.6 फीसदी लुढ़का है। जीएसटी राजस्व में कमी का यह सबसे बड़ा कारण है। वहीं दूसरी तरफ महामारी के मद्देनजर मार्च में लगाये गये लॉकडाउन भी एक कारण है। इस बीच आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ी थीं और जीएसटी रिटर्न फाइलिंग की टाइमलाइन को भी बिना ब्याज, लेट फीस या पेनाल्टी के ही बढ़ाया गया था।


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